पंचायत भवन ना होने के कारण नहीं हो पाया शपथ ग्रहण, दर दर भटकते रहे नवनिर्वाचित

बिलासपुर घुमारवीं उपमड़ल के साथ लगती पंचायत दकड़ी को नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ ग्रहण का कार्यक्रम नहीं हो सका। जिससे सभी पार्षद शपथ से ही महरूम रह गए हैं। पूरे प्रदेश में पंचायतों में पार्षदों को शपथ ग्रहण समारोह रखा गया था। इस पंचायत में भी शपथ ग्रहण के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिल पाने के कारण शपथ समारोह नहीं हो सका। दकड़ी पंचायत घुमारवी पंचायत से विभाजित हो कर बनी थी जिससे इस पंचायत का अपना भवन नहीं था। दकड़ी पंचायत के चुने हुए प्रतिनिधि कमरे के लिए दर दर भटकने को मजबूर है।

जानकारी देते हुए उपप्रधान पवन जम्वाल ने कहा कि कुछ दिनों पहले पंचायत इंस्पेक्टर ने घुमारवी पंचायत भवन के दूसरे मंजिल में कमरा देने के लिए कह दिया और उसके बाद दकड़ी पंचायत प्रधान व उपप्रधान ने मौके पर जाकर उस कमरे में सफाई करवा दी गई थी तथा एक मेज भी रख दिया गया। जब बाद में दूसरे दिन गए तो घुमारवी पंचायत के चौकीदार ने कहा कि उप प्रधान ने कमरा देने से मना कर दिया है। तो चुने हुए प्रतिनिधि दोबारा बीडीओ से मिले तो वह भी अनाकानी करते रहे, उसके बाद सभी चुने हुए   प्रतिनिधि बिलासपुर के उपायुक्त से मिले। 

सोमवार सुबह जब वह स्थानीय मंत्री राजेन्द्र गर्ग से मिले तो उन्होंने कहा कि बीडीओ से जाकर मिलेने से वह समाधान कर देगें। लोग व चुने हुए प्रतिनिधियों में स्थानीय व जिला प्रशासन के  प्रति आक्रोश है जब पंचायत विभाजन में घुमारवी पंचायत को दो भागों में बांटा गया था तो दकड़ी पंचायत बनी थी। घुमारवीं पंचायत भवन काफी बड़ा है। चुने हुए प्रतिनिधि आंगनवाड़ी केंद्र में गए तो वहां पर बच्चों को पढ़ाया जा रहा था, जिससे दकड़ी पंचायत के पांच पार्षदों की शपथ नहीं हो सकी।

नवनिर्वाचित दकड़ी पंचायत के प्रधान मस्त राम राणा ने कहा कि स्थानीय प्रशासन व विभाग का सहयोग नहीं मिलने के कारण शपथ समारोह नहीं हो सका और ना ही संबंधित विभाग ने कोई इंतजाम किया गया न ही हमें इस बारे में लिखित दिया गया था कि आपका शपथ समारोह का स्थान कहां पर निश्चित किया गया है। एसडीएम शशि पाल शर्मा ने कहा कि ऐसा मामला मेरे ध्यान में नहीं आया है कि दकड़ी पंचायत के चुनींदा पार्षदों को शपथ नहीं दिलवाई गई है।

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