सोमवार, जनवरी 19, 2026
8 C
London

नेहा सिंह राठौड: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच लखनऊ पुलिस में दर्ज कराया बयान

Uttar Pradesh News: विवादित गायिका नेहा सिंह राठौर सोमवार को लखनऊ पहुंची। वह हजरतगंज कोतवाली में अपना बयान दर्ज कराने आई थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।

नेहा सिंह राठौर अपने पति हिमांशु के साथ पुलिस स्टेशन पहुंची। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया। उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई।

यह कानूनी प्रक्रिया का एक जरूरी हिस्सा है। बयान दर्ज होने से निष्पक्ष जांच में मदद मिलेगी। गायिका ने अपना पक्ष पुलिस के सामने रखा। जांच अधिकारी मामले के सभी पहलुओं पर काम कर रहे हैं।

पहलगाम हमले के बाद गीत से शुरू हुआ था विवाद

पूरामामला एक गीत से शुरू हुआ। नेहा सिंह राठौर ने ‘चौकीदारा कायर बा’ गीत पेश किया था। यह गीत पहलगाम आतंकी हमले के बाद रिलीज हुआ। इसके बोलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हुई।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश: दो भाइयों से शादी करने वाली दुल्हन ने पहली बार जताया प्यार, कहा- 'मिस यू बोथ ऑफ माई पार्टनर्स'

वाराणसी और लखनऊ में इस पर एफआईआर दर्ज की गई। कई सामाजिक संगठनों ने गीत का विरोध किया। उन्होंने इसे आपत्तिजनक बताया। विवाद बढ़ने पर मामला अदालत पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई थी रोक

सुप्रीम कोर्ट नेइस मामले में हस्तक्षेप किया। अदालत ने गायिका की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी। इसी आदेश के तहत वह लखनऊ पुलिस में बयान देने आई थीं। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 19 जनवरी तय की है।

पुलिस अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक कार्यवाही करेगी। बयान दर्ज होने के बाद आगे की जांच प्रक्रिया शुरू होगी। अदालत के फैसले का पूरी कार्यवाही पर असर पड़ेगा।

सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा

इस मामलेने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है। नेहा सिंह राठौर के समर्थक उनके पक्ष में हैं। वे इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि कलात्मक अभिव्यक्ति पर रोक नहीं लगनी चाहिए।

यह भी पढ़ें:  उत्तर प्रदेश न्यूज: दलित महिला प्रधान ने लगाए जातिसूचक शब्द बोलने और जातिगत अपमान करने के आरोप, जानें क्या बोले लेखपाल

वहीं विरोधियों का एक वर्ग भी सक्रिय है। उनका आरोप है कि संवेदनशील मामले में असंवेदनशीलता दिखाई गई। राजनीतिक हलकों में भी इस विवाद पर चर्चा जारी है। दोनों पक्षों के तर्क सामने आ रहे हैं।

19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई

अब सबकीनिगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। 19 जनवरी को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। इसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मामला आगे किस दिशा में जाता है। तब तक गिरफ्तारी पर लगी रोक जारी रहेगी।

पुलिस भी कोर्ट के आदेशों का पालन कर रही है। बयान दर्ज करना इसी प्रक्रिया का एक चरण था। आगे की कार्यवाही कानूनी प्रावधानों के दायरे में ही होगी। फिलहाल स्थिति शांत बनी हुई है।

Hot this week

Greenland Row: ट्रंप ने खुद को बताया ‘टैरिफ किंग’, भड़के लोग सड़कों पर उतरे, जंग जैसे हालात!

Copenhagen News: ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति...

Related News

Popular Categories