शनिवार, जनवरी 10, 2026
1.8 C
London

नीना गुप्ता: शादी से ठीक पहले आया फोन, फिर रिश्ता तोड़ने वाले ने 6 महीने बाद दिया दोबारा प्रस्ताव

Entertainment News: बॉलीवुड अभिनेत्री नीना गुप्ता ने अपनी शादी से जुड़ा एक दर्दनाक राज खोला है। उन्होंने बताया कि कैसे शादी से ठीक पहले एक फोन कॉल ने सब कुछ बदल दिया। उनकी सगाई टूट गई और वजह आज तक एक रहस्य बनी हुई है। उन्होंने ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ को दिए इंटरव्यू में यह चौंकाने वाली जानकारी साझा की।

नीना ने बताया कि वह अपनी शादी को लेकर बहुत उत्साहित थीं। नए परिवार की शुरुआत के सपने देख रही थीं। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। कपड़े और गहने खरीदने के लिए वह दिल्ली तक गई थीं। तभी अचानक एक फोन कॉल आया।

क्या था उस फोन कॉल में?

फोन पर सामने वाले ने बस इतना कहा कि अब शादी नहीं हो रही है। नीना ने जब कारण पूछा तो एक अजीब सा बहाना सुनने को मिला। उस व्यक्ति ने कहा कि उसे साइनस का ऑपरेशन करवाना है। यह सुनकर नीना हैरान रह गईं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा है।

आज तक नीना को असली वजह का पता नहीं चला। वह अपने माता-पिता से बार-बार पूछती रहीं। परिवार वालों ने भी कभी सच्चाई नहीं बताई। यह घटना नीना के लिए बहुत दर्दनाक थी। उन्होंने बड़ी हिम्मत से इस सदमे को झेला।

छह महीने बाद एक और चौंकाने वाली घटना हुई। उसी व्यक्ति ने फिर से नीना से संपर्क किया। उसने दोबारा शादी का प्रस्ताव रखा। पर तब तक नीना का मन बदल चुका था। उन्होंने अपने स्वाभिमान को प्राथमिकता दी।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल के हमीरपुर में सिनेमा हॉल बना मंदिर, 'महावतार नरसिम्हा' देखने के लिए दर्शक उतार रहे जूते

नीना ने क्यों ठुकराया दोबारा प्रस्ताव?

नीना ने उस प्रस्ताव को साफ मना कर दिया। उन्होंने अपनी स्वाभिमान की रक्षा करना जरूरी समझा। एक बार जिस रिश्ते ने उन्हें इतना दर्द दिया हो, उसे दोहराना उचित नहीं लगा। यह फैसला उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

इंटरव्यू में नीना ने समाज की मानसिकता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 95 प्रतिशत पुरुष ऐसी महिलाएं चाहते हैं जो उनकी हर बात मानें। जिनकी अपनी कोई राय न हो और जो पूरी तरह समर्पित हों। यह बात उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कही।

नीना का मानना है कि पुरुष प्रधान समाज में आजाद ख्याल की महिला को शादी के लिए ‘सही’ नहीं माना जाता। मजबूत और स्वतंत्र महिलाएं अक्सर सामाजिक स्वीकृति से जूझती हैं। यह एक बड़ी सामाजिक समस्या है।

सिंगल मदर बनने का फैसला

नीना गुप्ता ने 1980 में सिंगल मदर बनने का फैसला किया था। यह फैसला उस दौर में बहुत बड़ा और साहसिक माना जाता था। आज भी लोग इस मुद्दे पर चर्चा करते हैं। पर नीना ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

वह इस फैसले पर कभी पछताती नहीं हैं। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने का अधिकार है। समाज को दूसरों के निजी फैसलों में दखल नहीं देना चाहिए। यह उनकी जीवन दृष्टि को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें:  Spider Man: स्पाइडर मैन की नई मूवी का एमसीयू टाइमलाइन पर आया सामने, जानें कब रिलीज होगी फिल्म

नीना ने बताया कि उनकी पर्सनल लाइफ हमेशा चर्चा में रहती है। कभी उनके कपड़ों को लेकर तो कभी उनके निजी फैसलों को लेकर। पर वह समाज की राय से प्रभावित नहीं होतीं। वह अपने तरीके से जीना जानती हैं।

समाज की दोहरी मानसिकता

अभिनेत्री ने समाज की दोहरी मानसिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोग महिलाओं को अपने तरीके से जीते हुए देखकर असहज हो जाते हैं। परंपरागत बंधनों से आजाद महिलाएं अक्सर आलोचना का शिकार बनती हैं।

नीना ने स्पष्ट किया कि वह सभी पुरुषों के बारे में नहीं कह रही हैं। पर अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है। समाज अभी भी मजबूत महिलाओं को पूरी तरह स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

यह स्थिति न केवल मनोरंजन जगत बल्कि हर क्षेत्र में देखने को मिलती है। करियर में सफल महिलाओं को अक्सर निजी जीवन में समझौता करना पड़ता है। यह एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है जिस पर चर्चा होनी चाहिए।

नीना गुप्ता की यह खुली बातचीत कई लोगों के लिए प्रेरणादायक है। वह अपने अनुभवों को छुपाती नहीं हैं। उनका मानना है कि सच्चाई साझा करने से दूसरों की मदद हो सकती है। यही कारण है कि वह लगातार अपनी कहानी बताती रहती हैं।

Hot this week

Related News

Popular Categories