Mumbai News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 19,650 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह हवाई अड्डा मुंबई महानगर क्षेत्र की बढ़ती हवाई यातायात मांगों को पूरा करेगा। साथ ही यह पश्चिमी भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा।
यह परियोजना एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर आधारित है। इसमें मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह कंपनी अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है। शेष 26 प्रतिशत हिस्सेदारी सीआईडीसीओ के पास है।
उन्नत सुविधाओं से लैस है हवाई अड्डा
नवी मुंबई हवाई अड्डे को हाल ही में डीजीसीए से परिचालन की मंजूरी मिली है। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के लिए तैयार है। इसकी प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं:
- 3,700 मीटर लंबा रनवे
- 2 करोड़ यात्रियों की सालाना क्षमता
- 5 लाख मीट्रिक टन कार्गो क्षमता
- 100% शिपमेंट ट्रैकिंग सिस्टम
हवाई अड्डे में आधुनिक यात्री टर्मिनल और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है। यह सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। बड़े व्यावसायिक विमानों के संचालन के लिए यह पूरी तरह तैयार है।
रणनीतिक स्थान पर स्थित है हवाई अड्डा
नवी मुंबई एयरपोर्ट का स्थान बहुत ही रणनीतिक है। यह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से केवल 14 किलोमीटर दूर स्थित है। महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और तलोजा इंडस्ट्रियल एरिया से इसकी दूरी 22 किलोमीटर है।
मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की दूरी 35 किलोमीटर है। यह दूरी मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक के माध्यम से तय होगी। ठाणे से इसकी दूरी 32 किलोमीटर और भिवंडी से 40 किलोमीटर है। यह स्थान औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए आदर्श है।
कई एयरलाइनों ने शुरू किया परिचालन
इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख एयरलाइनों ने इस हवाई अड्डे से परिचालन शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में ये एयरलाइनें विभिन्न घरेलू शहरों को जोड़ेंगी। इससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे।
हवाई अड्डे से मुंबई क्षेत्र में हवाई यातायात का दबाव कम होगा। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद यह मुंबई का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्गो सुविधाओं में है विशेषता
नवी मुंबई एयरपोर्ट में कार्गो सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहां एक पूरी तरह से स्वचालित कार्गो टर्मिनल बनाया गया है। इसकी क्षमता 5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। सामग्री हैंडलिंग सिस्टम अर्ध-स्वचालित है।
ट्रक प्रबंधन प्रणाली और कार्गो सामुदायिक प्रणाली भी मौजूद है। यहां के संचालन को कैशलेस और पेपरलेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह सभी आधुनिक सुविधाएं कार्गो हैंडलिंग को अधिक कुशल बनाएंगी।
क्षेत्र के विकास में मिलेगी मदद
यह हवाई अड्डा पश्चिमी भारत की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन उद्योग को भी फायदा होगा।
मुंबई क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास में यह हवाई अड्डा मील का पत्थर साबित होगा। यह भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। देश के विमानन क्षेत्र में यह एक बड़ा कदम है।

