Himachal News: हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोगों से आपदा राहत कोष में योगदान देने की भावुक अपील की है। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। सीएम ने कहा कि सरकार इस संकट से अकेले नहीं निपट सकती। जनता का सहयोग जरूरी है। राहत कार्यों के लिए विशेष बैंक खाते खोले गए हैं, जहां लोग आसानी से दान दे सकते हैं।
जनता से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है। लेकिन, इस मुश्किल घड़ी में जनता का साथ जरूरी है। उन्होंने लोगों से आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया। यह सहायता प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं की बहाली में मदद करेगी। सीएम ने जोर दिया कि हर छोटा योगदान बड़ा बदलाव ला सकता है।
दान के लिए बैंक खाते
हिमाचल सरकार ने दान देने के लिए तीन बैंकों में खाते खोले हैं। लोग हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक में दान कर सकते हैं। खाता विवरण इस प्रकार हैं: हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (खाता संख्या: 40610107381, IFSC: HPSC0000406), एचडीएफसी बैंक (खाता संख्या: 50100663774303, IFSC: HDFC0004116), और एसबीआई (खाता संख्या: 42088576875, IFSC: SBIN0050204)। दान नकद, ड्राफ्ट या ऑनलाइन हो सकता है।
ऑनलाइन दान की सुविधा
लोग डिजिटल माध्यमों से भी योगदान दे सकते हैं। गूगल पे, फोन पे, आरटीजीएस, एनईएफटी या नेट बैंकिंग के जरिए दान संभव है। इसके अलावा, हिमाचल सरकार की वेबसाइट पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भी दान दिया जा सकता है। यह प्रक्रिया आसान और पारदर्शी है। सीएम ने कहा कि यह सहायता प्रभावित लोगों तक सीधे पहुंचेगी।
आयकर में छूट का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा राहत कोष में दी गई राशि आयकर अधिनियम की धारा 80-जी के तहत 100 प्रतिशत कर-मुक्त है। यह प्रावधान लोगों को दान देने के लिए प्रोत्साहित करेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल में प्राकृतिक आपदा ने हजारों परिवारों को प्रभावित किया है। इस संकट में जनता की एकजुटता जरूरी है।
मंडी में सबसे ज्यादा नुकसान
मंडी जिला प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। भूस्खलन और बाढ़ ने कई गांवों को तबाह कर दिया। लोग अपने घर, फसल और आजीविका खो चुके हैं। सरकार राहत कार्यों में जुटी है, लेकिन संसाधनों की कमी चुनौती बनी हुई है। सीएम ने कहा कि जनता का सहयोग इस संकट को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।

