अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के सबसे उन्नत और बड़े रोवर परसिवरेंस को मंगल ग्रह पर उतरे हुए एक महीने से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। रोवर ने यहां पर अपना काम भी शुरू कर दिया है, लेकिन इसके साथ जुड़े इंजेन्यूटी हेलीकॉप्टर ने अभी तक ग्रह पर अपनी पहली उड़ान नहीं भरी है। अब नासा की ओर से बताया गया है कि आखिर कब हेलीकॉप्टर लाल ग्रह पर उड़ना शुरू करेगा। 

नासा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इंजेन्यूटी हेलीकॉप्टर अप्रैल माह से अपनी उड़ान शुरु करेगा। वैज्ञानिकों ने इसके उड़ने के लिए लाल ग्रह पर क्षेत्र को निर्धारित कर लिया है, जहां यह 1.8 किलोग्राम का हेलीकॉप्टर अपनी उड़ान भरेगा। पृथ्वी के बाहर इस अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर की यह पहली उड़ान होगी। नासा की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इंजेन्यूटी की उड़ान अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि इसके उड़ान के समय के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। 

गौरतलब है कि मंगल ग्रह के सबसे खतरनाक माने जाने वाले क्षेत्र जजेरो क्रेटर पर परसिवरेंस रोवर उतरा था। जहां अभी भी इंजेन्यूटी हेलीकॉप्टर रोवर के साथ ही जुड़ा हुआ है। मार्स पर रोवर की कार्यप्रणाली पर बारीकी से नजर रख रही नासा के वैज्ञानिकों की टीम ने कहा है कि परसिवरेंस रोवर जैसे ही चुने गए वायुक्षेत्र में पहुंच जाएगा, तो इंजेन्यूटी हेलीकॉप्टर इससे अलग होकर करीब 100 मीटर की पहली उड़ान भरेगा। टीम के मुताबिक, परसिवरेंस रोवर में लगे उच्च क्षमता वाले मास्टकैम-जेड कैमरों के जरिए इंजेन्यूटी की उड़ान को कैद किया जाएगा। यह हेलीकॉप्टर मंगल पर हवाई 

सर्वेक्षण कर आंकड़े जमा करने में मदद करेगा। 
बता दें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने परसिवरेंस को मंगल पर जीवन के निशान तलाशने के लिए भेजा है। जिस जजेरो क्रेटर पर बीती 18 फरवरी को रोवर उतरा था, वहां वैज्ञानिकों का मानना है कि पहले झील हुआ करती थी। परसिवरेंस रोवर ने भी कुछ दिन पहले ही मंगल की सतह पर अपनी पहली चहलकदमी की थी।  

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