हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का बिगुल बज चुका है, राज्य निर्वाचन आयोग भी अपनी तैयारियां मुकम्मल करने में पूरजोर कोशिश कर रहा है, बावजूद इसके इन्हीं चुनावों को लेकर जनजातीय क्षेत्र भरमौर से बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। यहां की जगत पंचायत के वार्ड नंबर चार से 34 के करीब वोटर्स का नाम 18 साल की आयु पूरी कर लेने के बावजूद भी पंचायत चुनावों की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदेशभर के तमाम मतदाताओं को 23 दिसंबर तक अपने-अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाने की आखिरी तारीख दी गई थी, बावजूद इसके अब जो पंचायत की मतदाता सूचियां सार्वजनिक हो रही हैं। उसमें एक-एक वार्ड से भारी संख्या में मतदाताओं के बाहर हो जाने का वाक्या गले नहीं उतर रहा।

खुद को वोटर लिस्ट से बाहर किये जाने वाले लोगों में अब सरकार की इन एजेंसियों के खिलाफ रोष पनपने शुरू हो गया है और उन्होंने इन पंचायत चुनावों में खुद को वोट डालने के अधिकार से वंचित न करने की भी मांग खंड विकास अधिकारी समेत, जिला निर्वाचन आयुक्त, जिला पंचायत अधिकारी और राज्य निर्वाचन आयोग से करनी शुरू कर दी है। इतना ही नहीं इस मसले को लेकर इन लोगों की ओर से बाकायदा संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी मुलाकात कर अपने अधिकार को पाने की गुहार लगाई है। वहीं इन्होंने भरमौर में पंचायत चुनावों के लिए जारी की गई मतदाता सूचियों में महज चुनिंदा वार्डों से इतनी बड़ी संख्या में शामिल न करना और फिर दूसरी वोटर लिस्ट दिखाकर भोलीभाली जनता को गुमराह करना एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।


इन लोगों की मांग है कि अगर राज्य निर्वाचन आयोग इस पूरे मसले को गंभीरता से देखे तो ये गड़बड़ी न केवल पंचायत जगत बल्कि भरमौर की दूसरी पंचायतों में भी सामने आ सकती है। साथ ही इन्होंने भरमौर की भूगौलिक परिस्थियों को सामने रखते हुए उन्हें दोबारा वोटर लिस्ट में ऐड करने समेत यहां के पंचायत चुनावों को लाहौल और पांगी की तर्ज पर करवाने की भी मांग की है, ताकि किसी की भी गलती से रह चुके मतदाताओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न होना पड़े।


दरअसल जनजातीय क्षेत्र भरमौर इस वक्त हिमपात की चपेट में है। यहां के कई इलाकों में भारी हिमपात हुआ है। ऐसे में कई जगहों के संपर्क मार्ग मुख्य संपर्क मार्गों से कट चुके हैं, कई इलाकों में बिजली गुल है, जनजीवन अस्त-व्यस्त है, बावजूद इसके यहां 31 दिसंबर से पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल होने शुरू हो जायेंगे। वहीं खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार की मानें तो भरमौर में इस वक्त 31 पंचायतें हैं और यहां 171 वार्डों की 39 हजार के करीब मतदाता मतदान करेंगे, यहां कई ऐसी पंचायतें भी हैं जहां भारी हिमपात के कारण पोलिंग पार्टियों को भेजना बेहत मुश्किल भरा काम है जिसकी रिपोर्ट जिलाधीश चम्बा को भेजी जा चुकी है। लोकतंत्र में मतदान के मौलिक अधिकार से वंचित रह चुके पंचायत जगत के मतदाताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग में भी लिखित शिकायत दी है, जिस पर राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी संजीव महाजन ने पूरे मामले की गहराई से जांच करने का हवाला दिया है।


जिलाधीश चम्बा डीसी राणा से जब इस बाबत बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी ओर से मतदाताओं को 6 महीने पहले ही जागरूक करने का प्रावधान शुरू कर दिया गया था, 23 दिसंबर अंतिम दिन था, फिर भी मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं कर पाये तो ये उनकी खुद की गलती है।

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