फरीदाबाद में बीकॉम की मेधावी छात्रा निकिता तोमर की हत्या से पिछले साल पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। परिजनों के साथ-साथ पूरा देश निकिता के लिए इंसाफ मांग रहा था। अंकित बनकर निकिता से दोस्ती करने वाले तौसीफ ने एकतरफा प्यार में पागल होकर 26 अक्तूबर को सरेआम निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। लंबी लड़ाई लड़ने के बाद 24 मार्च को न्याय की ओर पहला कदम उठा है। अदालत ने आज तीन में से दो आरोपी, तौसीफ और रेहान को दोषी करार दिया है। आइए शुरू से जानते हैं इस मामले में कब-कब क्या हुआ-

26 अक्तूबर, 2020: कॉलेज से परीक्षा देकर लौट रही निकिता को तौसीफ और उसके साथी ने पहले डराकर अपहरण करने की कोशिश की, लेकिन विफल होने पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।

26 अक्तूबर, 2020: लोगों का गुस्सा भड़कते देख पुलिस ने देर रात तौसीफ और रेहान को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही परिजनों को निकिता का शव भी सौंपा गया।

27 अक्तूबर, 2020: निकिता के पिता ने दावा किया कि आरोपी तौसीफ की मां उनकी बेटी निकिता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाती रहती थी। यह सिलसिला बीते दो वर्षों से चल रहा था।

29 अक्तूबर, 2020: हरियाणा सरकार ने नीकिता हत्याकांड की जांच लव जिहाद व जबरन धर्म परिवर्तन के दृष्टिकोण से कराने का फैसला लिया और मामले की जांच एसआईटी को सौंपी।

29 अक्तूबर, 2020: हरियाणा सरकार ने घोषणा की कि मामले की सुनवाई फास्ट्रैक कोर्ट में करवाई जाएगी और जल्द से जल्द कार्रवाई होगी।

29 अक्तूबर, 2020: तौसीफ ने फरीदाबाद की नीमका जेल की बजाय गुरुग्राम की भोंडसी जेल में जाने की अर्जी लगाई। वहीं निकिता की मां विजया तोमर, पिता मूलचंद तोमर व भाई नवीन तोमर को अलग अलग गनमैन मुहैया कराए गए। 

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