Mumbai News: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां आव्रजन अधिकारियों ने अवैध सरोगेसी और अंडाणु दान (Egg Donation) के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं जाली दस्तावेजों के सहारे अविवाहित लड़कियों को शादीशुदा बताकर उनके एग्स (अंडाणु) विदेशों में बेचती थीं।
ठाणे से चल रहा था ‘एलीट केयर’ का गंदा खेल
पुलिस की गिरफ्त में आई महिलाओं की पहचान 44 वर्षीय सुनोती बेलेल और 29 वर्षीय सीमा विनजारत के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा नेटवर्क ठाणे से ऑपरेट हो रहा था। आरोपी सुनोती बेलेल अपनी साथी संगीता बागुल के साथ मिलकर ‘एलीट केयर’ नाम की एक एजेंसी चलाती थी। यह एजेंसी भारत और दूसरे देशों के आईवीएफ (IVF) सेंटरों में सरोगेट मां और अंडाणु डोनर सप्लाई करती थी।
अविवाहित लड़कियों को बनाते थे निशाना
भारतीय कानून के मुताबिक, कोई भी अविवाहित महिला अपना एग डोनेट नहीं कर सकती है। इसी नियम को तोड़ने के लिए यह गिरोह फर्जीवाड़े का सहारा लेता था। आरोपी महिलाएं अविवाहित युवतियों के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाती थीं और उन्हें शादीशुदा दिखाकर डोनर बनाती थीं। शुक्रवार को जब सुनोती और सीमा बैंकाक से लौटीं, तब आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें धर दबोचा।
आव्रजन अधिकारी को ऐसे हुआ शक
आव्रजन अधिकारी वैभव भोसले ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 1.30 बजे सुनोती बेलेल बैंकाक से मुंबई पहुंची। जब उससे यात्रा का उद्देश्य पूछा गया, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। इसके ठीक 30 मिनट बाद सीमा विनजारत भी वहीं पहुंची। अधिकारियों को शक हुआ और उन्होंने कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में सीमा ने कबूला कि वह पैसों के लालच में एग जांच के लिए बैंकाक गई थी।
केन्या से कजाखस्तान तक फैला नेटवर्क
जांच में सीमा विनजारत ने कई बड़े राज खोले हैं। उसने पुलिस को बताया कि वह साल 2022 में फरार आरोपी संगीता बागुल के संपर्क में आई थी। उसने सबसे पहले अंधेरी के एक अस्पताल में अपने एग बेचे थे। इसके बाद, उसने केन्या (2024), कजाखस्तान (फरवरी 2025) और थाईलैंड (जनवरी 2026) की यात्रा की। वह इन देशों के आईवीएफ क्लीनिकों में अपने एग बेचने गई थी। फिलहाल मुख्य आरोपी संगीता बागुल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
