आईजीएमसी लंगर पर दंगल: एमएस का सवाल, लंगर को कहां से मिलता है पैसा

शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इन दिनों इँदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) एँव अस्पताल में चलने वाली लंगर सेवा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.अस्पताल में लंगर सेवा चला रही ऑलमाइटी ब्लेसिंग संस्था पर IGMC प्रशासन ने अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है.अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ जनक राज का कहना है कि साल 2016 में आगजनी की घटना होने के बाद कैंसर अस्पताल और डेंटल अस्पताल के प्रिंसिपल की ओर से जगह को खाली करने का नोटिस जारी किया गया था, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद संस्था के संचालक ने 31 मार्च को खाली करने को कहा था.

हालांकि, कोरोना वायरस के चलते संस्था को दोबारा कुछ समय के लिए लंगर चलाने के लिए कहा गया था, लेकिन अगस्त माह बीत जाने के बाद भी यह खाली नहीं करवाया गया. इसके बाद प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए संस्था का सामान बाहर किया गया है. संस्था पिछले सात साल से अवैध रुप से बिजली और पानी की चोरी कर रही है, जिसकी न्याययिक जांच होनी चाहिए.

सात सालों से अवैध रुप से बिजली, पानी की चोरी कर रही संस्था

उन्होंने ऑलमाइटी संस्था की फंडिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं कि अब तक संस्था को कितना पैसा कहां से आय है, इसकी भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संस्था को लेकर जो सोशल मीडिया पर चल रहा है, वह सही नहीं है, इसलिए इसकी न्यायिक प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए. डॉ. जनक ने कहा कि अभी संस्था की ओर से ही लंगर चलाया जा रहा है. संस्था की लंगर सेवा ऐसे ही चली रहे लेकिन अस्पताल की जमीन पर कब्जा न करे.

संस्था के समर्थन में कांग्रेस यंग ब्रिगेड ने किया प्रदर्शन

लंगर गृह से संस्था का सामान बाहर करने पर कांग्रेस यंग ब्रिगेड ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. यंग ब्रिगेड का कहना कि प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी राजनीति षड्यंत्र के तहत इस कार्य को अंजाम दिया है. इसके विरोध में आज आइजीएमसी के गेट के बाहर कांग्रेस यंग ब्रिगेड व स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में धरना-प्रदर्शन किया. आइजीएमसी को लंगर बहाल न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी.

पहले बंद क्यों नहीं किया लंगर

कांग्रेस यंग ब्रिगेड के अध्यक्ष वीरेंद्र बांसटू ने कहा कि पिछले सात साल से गरीब जनता का पेट भर रहे सर्वजीत सिंह बॉबी के लंगर को अवैध बताना गलत है.उन्होंने कहा कि लंगर पर राजनीति नही होनी चाहिए.पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व अन्य राजनीति व अन्य क्षेत्रों से जुड़े कई लोगों ने यहां पर लंगर सेवा दी है. लेकिन 7 साल बाद अब जाकर आईजीएमसी प्रशासन को होश आई है. उन्होंने कहा कि अगर लंगर को बहाल नही किया जाता है तो आगामी समय मे प्रदेश की जनता इसके खिलाफ आंदोलन करेगी. बता दें कि लंगर चलाने वाले सर्वजीत सिंह बॉबी मौजूदा समय में बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.

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