Health News: आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली में मुंह में छाले होना एक आम समस्या बन गई है। यह समस्या पेट की गर्मी, तनाव या पोषक तत्वों की कमी से हो सकती है। छाले होने पर खाने-पीने और बोलने में भी परेशानी होती है। बार-बार छाले होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे दूध से छालों का घरेलू उपचार किया जा सकता है। इसके लिए कच्चे दूध को दो से तीन मिनट तक मुंह में घुमाएं। इस प्रक्रिया को दिन में तीन से चार बार दोहराएं। कुछ दिनों में छालों में आराम मिलने लगेगा।
मुंह में छाले होने के प्रमुख कारण
मुंह मेंछाले कई कारणों से हो सकते हैं। पेट ठीक से साफ न होना एक बड़ा कारण है। कब्ज की निरंतर समस्या भी छाले पैदा कर सकती है। पेट में गर्मी बढ़ने पर भी यह समस्या उत्पन्न होती है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी जिम्मेदार हो सकती है।
पर्याप्त नींद न लेने से भी छाले हो सकते हैं। लंबे समय तक तनाव में रहने का प्रभाव भी दिखता है। शरीर में पानी की कमी भी इसका एक कारण बन सकती है। कभी-कभी दांतों की नुकीली धार भी छाले पैदा कर देती है।
विटामिन की कमी का संबंध
विटामिन बीकॉम्प्लेक्स की कमी से अक्सर छाले होते हैं। विटामिन बी12 और आयरन की कमी भी जिम्मेदार हो सकती है। फोलिक एसिड की कमी से भी यह समस्या उत्पन्न होती है। शरीर में जिंक की कमी भी छाले पैदा कर सकती है।
होंठों के कोनों में दरारें विटामिन सी की कमी दर्शाती हैं। विटामिन डी की कमी भी प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करती है। संतुलित आहार न लेने से पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इसलिए आहार में सभी जरूरी विटामिन शामिल करने चाहिए।
घरेलू उपचार के अन्य तरीके
नमक केपानी से कुल्ला करने पर छालों में आराम मिलता है। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं। इस पानी से दिन में दो से तीन बार कुल्ला करें। नमक में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो संक्रमण रोकते हैं।
शहद भी छालों के इलाज में प्रभावी है। शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। छाले वाली जगह पर थोड़ा सा शहद लगाएं। यह दर्द को कम करने और घाव भरने में मदद करेगा।
आहार और जीवनशैली में बदलाव
संतुलित आहार लेनेसे छालों की समस्या कम हो सकती है। ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। मसालेदार और तले भोजन से परहेज करें। ठंडे पदार्थों का सेवन करने से पेट की गर्मी कम होती है।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है। दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पिएं। तनाव प्रबंधन के लिए योग और ध्यान का सहारा लें। पर्याप्त नींद लेना भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
चिकित्सक से कब संपर्क करें
यदिछाले दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें तो डॉक्टर से मिलें। बार-बार छाले होने पर भी चिकित्सकीय सलाह लें। यदि छालों के साथ बुखार या अन्य लक्षण हों तो तुरंत सलाह लें। छालों का आकार बड़ा होने पर भी जांच कराएं।
चिकित्सक सही कारण का पता लगाकर उपचार बता सकते हैं। कभी-कभी छाले किसी अंतर्निहित बीमारी का संकेत होते हैं। नियमित रूप से होने वाले छालों की अनदेखी न करें। समय पर उपचार से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
रोकथाम के उपाय
मुंह कीस्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। नरम टूथब्रश का प्रयोग करें और जोर से ब्रश न करें। मुंह को सूखने न दें और लार बनाने वाले खाद्य पदार्थ खाएं। धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से बचें।
अपने आहार में विटामिन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज खाएं। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के सेवन को सीमित करें। नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन से समग्र स्वास्थ्य सुधरता है।

