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माघी के जश्न में मातम: मां की आंखों के सामने जिंदा जल गईं दो बेटियां और 3 मासूम, सिलिंडर फटने से कांपा हिमाचल

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गुरुवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। गिरिपार क्षेत्र में आग लगने से एक ही परिवार के 6 लोग जिंदा जल गए। मरने वालों में तीन मासूम बच्चे, दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। ये सभी माघी त्योहार मनाने के लिए अपनी मां के घर आए थे। खुशियों भरा घर कुछ ही पलों में श्मशान बन गया। इस भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।

अंगीठी की चिंगारी और सिलिंडर ब्लास्ट से तबाही

हादसा रात के अंधेरे में हुआ। घर के कमरे में ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई गई थी। आशंका है कि इसी से आग भड़की। आग फैलते ही रसोई में रखे दो गैस सिलिंडर जोरदार धमाके के साथ फट गए। आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे लकड़ी के मकान को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का एक भी मौका नहीं मिला। आग की लपटों ने पास के तीन खाली मकानों और गोशाला को भी राख कर दिया।

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मां चीखती रही, लपटों में घिर गया पूरा परिवार

घर की बुजुर्ग महिला इंद्रा देवी रात करीब ढाई बजे जागीं। उन्होंने कमरे में धुआं देखा तो घबरा गईं। वह जान बचाने के लिए बाहर भागीं और शोर मचाया। वह मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन आग की रफ्तार बहुत तेज थी। इंद्रा देवी अपनी बेटियों कविता और तृप्ता को नहीं बचा सकीं। आग ने दामाद नरेश और तीन नाती-नातिन (कृतिका, सारिका और कृतिक) को भी लील लिया। एक मां की आंखों के सामने उसका पूरा हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया।

एक फैसला और बच गई मामा-भांजे की जान

इस खौफनाक हादसे के बीच किस्मत का एक अजीब खेल भी देखने को मिला। इंद्रा देवी का बेटा विक्रम और नाती सूजल (तृप्ता का बेटा) रात को खाना खाकर दूसरे गांव सोने चले गए थे। इस एक फैसले ने मामा और भांजे की जान बचा ली। लेकिन घर में रुके बाकी सदस्य इतने खुशकिस्मत नहीं थे। सुबह जब वे लौटे तो घर की जगह सिर्फ राख का ढेर मिला।

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खिड़की से कूदे दामाद, अस्पताल में भर्ती

हादसे के वक्त दामाद लोकेंद्र भी घर के अंदर थे। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें खिड़की से बाहर निकाला। लोकेंद्र करीब 16 फीसदी तक झुलस गए हैं। उन्हें पहले नौहराधार अस्पताल ले जाया गया। वहां सिर्फ मरहम-पट्टी करके सोलन रेफर कर दिया गया। घायल लोकेंद्र को जलन के साथ लंबा सफर तय करना पड़ा। फिलहाल उनका सोलन के अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

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