सुबह 8 बजे से खुलेगा माता चिंतपूर्णी का दरबार, दुकानदारों से लेकर पुजारियों तक के लिए एसओपी जारी

Read Time:7 Minute, 46 Second

Himachal News: कोरोना महामारी के चलते बंद पड़े मां चिंतपूर्णी मंदिर के कपाट 1 जुलाई से खुल जाएंगे। मंदिर प्रात: 8 से सायं 8 बजे तक दर्शनों के लिए खुला रहेगा जबकि हवन, यज्ञ, भजन मंडली, भंडारा, लंगर मंदिर परिसर सड़क के किनारे लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त स्थिति के अनुसार मंदिर अधिकारी समयसीमा में परिवर्तन कर सकते हैं। सभी श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची लेने के साथ-साथ कोविड स्क्रीनिंग भी करवानी होगी। एडीबी सदन श्रद्धालुओं के इस्तेमाल के लिए खुला रहेगा।

अस्थायी दुकानें नहीं खुलेंगी

मंदिर परिसर में भीड़ जमा न हो, इसके लिए मंदिर सहायक आयुक्त दर्शन पर्ची जारी करना रोक सकेगा। चिंतपूर्णी क्षेत्र में अस्थायी दुकानें नहीं खुल सकेंगी तथा केवल सूखा प्रसाद ही चढ़ाया जा सकेगा। श्रद्धालुओं को मंदिर में बैठने, खड़े होने तथा इंतजार करने की अनुमति नहीं होगी।

फ्लू जैसे लक्षणों वाले होंगे आइसोलेट

चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्प्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 नैगेटिव रिपोर्ट आने पर ही उन्हें मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा भी श्रद्धालुओं को कोविड प्रोटोकॉल को मानना होगा तथा सामाजिक दूरी, मास्क का प्रयोग एवं हाथों को सैनेटाइज करना आवश्यक होगा। आगंतुकों को मंदिर परिसर में गेट एक व दो के माध्यम से निर्धारित सामाजिक दूरी अपनाते हुए भेजा जाएगा।

गाड़ी में ही उतारने होंगे जूते

जहां तक संभव हो, जूते गाड़ी में ही उतारने होंगे और यदि जरूरत पड़ती है तो पुराने बस अड्डे के पास जूते रखने के स्थान को प्रयोग में लाया जा सकता है। श्रद्धालुओं को माता चिंतपूर्णी के दर्शनार्थ जाते समय पंक्ति में हर समय 6 फुट की सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी। आगंतुकों को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पूर्व हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे।

ढोल-नगाड़ों पर प्रतिबंध

मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं का मूर्तियों, धार्मिक किताबों व घंटियों इत्यादि को छूना वर्जित रहेगा। भीड़ का एकत्रित होना पूर्व की भांति वर्जित रहेगा। ढोल-नगाड़ों युक्त गायन दलों के आने पर भी मनाही रहेगी। मंदिर में प्रसाद व पवित्र जल का वितरण भी नहीं होगा। दिशा-निर्देशों के मुताबिक 60 साल से अधिक आयु के व्यक्तियों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को घरों में रहने की सलाह दी जाती है।

पुजारियों के लिए एसओपी

पुजारी श्रद्धालुओं को न तो प्रसाद वितरित करेंगे और न ही मौली बांधेंगे। उनके द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना भी नहीं की जाएगी। कन्या पूजन और हवन आयोजन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुजारियों को भी कोरोना संक्रमण के लिए निर्धारित हिदायतों की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। गर्भगृह में एक समय पर केवल 2 पुजारियों को ही बैठने की अनुमति रहेगी।

सदन के लिए एसओपी

डीसी ने बताया कि चिंतपूर्णी सदन में श्रद्धालु पंजीकरण के लिए संपर्क करेंगे। इसके लिए पंजीकरण और चिकित्सीय परीक्षण हेतु समुचित काऊंटरों की व्यवस्था होगी। वहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ हेतु उचित मात्रा में सुरक्षा सामग्री की व्यवस्था रहेगी, साथ ही निर्धारित मापदंडों की अनुपालना भी सुनिश्चित करनी होगी। बीएमओ के साथ परामर्श कर आइसोलेशन कक्ष बनाया जाएगा तथा मुंडन संस्कार के लिए स्थान चिन्हित किया जाएगा। बाथरूम अथवा टॉयलेट सहित संपूर्ण परिसर को नियमित अंतराल पर सैनेटाइज करना होगा। निर्धारित सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए फर्श पर निशान बनाए जाएंगे।

सफाई कर्मियों के लिए एसओपी

मंदिर आयुक्त ने कहा कि सफाई कर्मचारी निर्धारित वर्दी पहनेंगे। सेवाप्रदाता समय-समय पर स्वच्छता सुनिश्चित करेगा और दिन में 3 बार क्षेत्र की सफाई करवाएगा। एकत्र किए गए कचरे का निपटारा किया जाएगा। कर्मचारी व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। हाथ-पैर धोने के क्षेत्रों, रेलिंग, दरवाजों की नॉब आदि की निर्धारित समय पर प्रभावी ढंग से कीटाणुनाशक के माध्यम से सैनेटाइजेशन सुनिश्चित करनी होगी।

लिफ्ट के प्रयोग से संबंधित दिशा-निर्देश

जिलाधीश ने कहा कि लिफ्ट का प्रयोग वॢजत रहेगा क्योंकि इससे निर्धारित सामाजिक दूरी बनाए रखना मुश्किल है। दिव्यांगों के लिए लिफ्ट का परिचालन किया जा सकता है किंतु केवल एक व्यक्ति को ही अनुमति दी जाएगी। लिफ्ट के अंदर किसी भी कर्मचारी को बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी और हर बार प्रयोग करने के बाद लिफ्ट को सैनेटाइज किया जाएगा।

दुकानदारों के लिए दिशा-निर्देश

डीसी ने कहा कि दुकानदारों व होटल मालिकों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके स्टाफ और आगंतुकों द्वारा फेस कवर का प्रयोग, हाथों को धोने व सामाजिक दूरी जैसी हिदायतों की अनुपालना हो रही है। निर्धारित सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए फर्श पर निशान बनाने होंगे और कोई भी दुकानदार दुकान से बाहर विक्रय सामग्री नहीं रखेगा। उल्लंघन करने पर दुकान तीन दिन के लिए बंद कर दी जाएगी।

error: Content is protected !!
Hi !
You can Send your news to us by WhatsApp
Send News!