Uttar Pradesh News: रामपुर के शाहाबाद कस्बे में एक अजीबोगरीब घटना हुई है। यहां एक पेड़ पर से शनिवार को पैसों की बारिश होने लगी। लोगों ने देखा कि पेड़ से सौ, दो सौ और पांच सौ रुपये के नोट गिर रहे हैं। यह नजारा देखकर लोग हैरान रह गए।
स्थानीय लोग तुरंत पेड़ के नीचे इकट्ठा हो गए। उन्होंने गिरते हुए नोट बटोरने शुरू कर दिए। लोग इतने उत्साहित थे कि चिल्ला-चिल्लाकर दूसरों को भी बुलाने लगे। कुछ देर तक यह दृश्य जारी रहा और लोग पैसे इकट्ठा करते रहे।
बंदर ने पुलिसकर्मी का पर्स उठाया था
बाद में इस घटना की सच्चाई सामने आई। यह पैसे शाहाबाद में तैनात एक पुलिसकर्मी के थे। पुलिसवाला अपनी डायल 112 की गाड़ी में पर्स रखकर खाना खाने चला गया था। वह गाड़ी का ताला लगाना भूल गया।
इस दौरान एक बंदर वहां आया और गाड़ी से पर्स उठा लिया। बंदर पर्स लेकर पास के एक पेड़ पर चढ़ गया। उसने पेड़ पर बैठकर पर्स खोला और अंदर के नोट बाहर फेंकने लगा। इस तरह पेड़ से पैसे गिरने लगे।
जब लोगों ने पेड़ से नोट गिरते देखा तो वे आकर्षित हो गए। उन्हें लगा कि पैसों की बारिश हो रही है। लॉकडाउन के दौरान आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक अप्रत्याशित घटना थी। सभी ने पैसे बटोरने में जुट गए।
सच्चाई जानकर लोग चुपचाप हुए दूर
जब लोगों को पता चला कि ये पैसे पुलिसकर्मी के हैं तो स्थिति बदल गई। लोग चुपचाप वहां से चले गए। उन्हें एहसास हुआ कि यह पैसा उनका नहीं है। पुलिसकर्मी को भी अपने पर्स के गुम होने की सूचना मिली।
पुलिस ने मामले की जानकारी ली। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिसकर्मी के पर्स में कितने पैसे थे। स्थानीय लोगों ने जो पैसे बटोरे थे, उनके बारे में भी जानकारी नहीं मिली। घटना स्थल पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गई। कई यूजर्स ने इस पर मजाक बनाया। एक यूजर ने लिखा कि लॉकडाउन में बंदरों के भी फजीते पड़ गए हैं। अब उन्होंने पैसे चुराना शुरू कर दिया है। इस तरह की टिप्पणियां वायरल हो रही हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा सबक
स्थानीय निवासी इस घटना से काफी मनोरंजित हुए। उन्होंने कहा कि ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। कुछ लोगों ने इसे भाग्य का खेल बताया। वहीं कुछ ने इससे सावधान रहने की सीख ली।
यह घटना लोगों को वाहन सुरक्षा के प्रति जागरूक करती है। पुलिसकर्मी की गाड़ी का ताला न लगाना एक सामान्य भूल थी। लेकिन इससे कीमती सामान की चोरी हो सकती है। हर किसी को अपनी वस्तुओं की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
बंदरों द्वारा चीजें उठाने की घटनाएं नई नहीं हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। लेकिन पैसे बरसाने वाला यह मामला अनोखा है। इसने लोगों का ध्यान खींचा है।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर हलचल पैदा की है। लोग इसके बारे में बातें कर रहे हैं। कुछ लोग मजाक उड़ा रहे हैं तो कुछ गंभीरता से ले रहे हैं। पुलिस ने भी इस मामले को नोट किया है। हालांकि कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
यह घटना दर्शाती है कि कैसे छोटी सी लापरवाही अनपेक्षित स्थिति पैदा कर सकती है। पुलिसकर्मी के लिए यह एक सबक बन गया है। उम्मीद है कि भविष्य में वह अपनी वस्तुओं का बेहतर ध्यान रखेंगे। साथ ही लोगों को भी मिले हुए पैसे वापस करने की जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
