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मनरेगा पर संकट? हिमाचल में 10 जनवरी से महा-संग्राम, कांग्रेस ने तैयार किया यह ‘मास्टर प्लान’

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मनरेगा योजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का ऐलान कर दिया है। 10 जनवरी से पूरे राज्य में यह बड़ा आंदोलन शुरू होने जा रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने शिमला में बैठक कर इस संग्राम की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए पार्टी अब जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष को-ऑर्डिनेटर तैनात करेगी।

मनरेगा के लिए सड़क पर उतरेगी कांग्रेस

शिमला के राजीव भवन में गुरुवार को एक अहम बैठक हुई। इसमें प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल और सह-प्रभारी चेतन चौहान भी ऑनलाइन जुड़े। रजनी पाटिल ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने देगी। पार्टी का मानना है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के नियमों में जो बदलाव किए हैं, वे मजदूरों के हित में नहीं हैं। कांग्रेस ने तय किया है कि जब तक यह योजना अपने पुराने स्वरूप में नहीं आती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इस अभियान को गांव-गांव और बूथ स्तर तक ले जाने की योजना बनाई गई है।

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10 जनवरी से शुरू होगा आंदोलन, देखें पूरा शेड्यूल

प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने आंदोलन की रूपरेखा मीडिया के सामने रखी। उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से होगा। इसका शेड्यूल इस प्रकार तय किया गया है:

  • 10 जनवरी: सभी जिला मुख्यालयों पर जिला अध्यक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें मंत्री और विधायक भी शामिल होंगे।
  • 11 जनवरी: प्रमुख स्थलों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के सामने एक दिन का सांकेतिक उपवास रखा जाएगा।
  • 12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
  • 30 जनवरी: वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।
  • 31 जनवरी से 6 फरवरी: जिला स्तर पर मनरेगा बचाओ धरना आयोजित होगा।
  • 7 से 15 फरवरी: राज्य स्तरीय विशाल धरना प्रदर्शन होगा।
  • 16 से 25 फरवरी: क्षेत्रीय स्तर पर एआईसीसी (AICC) की रैलियां निकाली जाएंगी।

नाराज नेताओं को मिलेगी जिम्मेदारी

विनय कुमार ने संगठन को मजबूत करने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जल्द ही जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी का विस्तार होगा। जो नेता जिला अध्यक्ष की दौड़ में शामिल थे लेकिन पद नहीं पा सके, उन्हें भी सम्मान दिया जाएगा। ऐसे नेताओं को कमेटियों में एडजस्ट किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह टीम 2027 में ‘मिशन रिपीट’ के लिए काम करेगी। शिमला और किन्नौर जिले में अध्यक्षों की नियुक्ति न होने पर उन्होंने तकनीकी कारणों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन जिलों में जल्द ही नियुक्तियां कर दी जाएंगी।

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युवाओं को बताया इतिहास का महत्व

इस दौरान इंटरनेशनल लीडरशिप टूर के डेलीगेट्स ने भी विनय कुमार से मुलाकात की। इसमें आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) जैसे संस्थानों के छात्र शामिल थे। प्रदेशाध्यक्ष ने छात्रों से संवाद करते हुए लोकतंत्र और संविधान को बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश के इतिहास और आजादी के संघर्ष की जानकारी होनी चाहिए। सही इतिहास जानकर ही वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

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