ओडिशा विधानसभा में किसानों से धान खरीद में कथित कुप्रबंधन को लेकर हंगामेदार प्रदर्शन ने उस समय विद्रूप रूप ले लिया, जब इस मुद्दे पर सरकार का विरोध कर रहे भाजपा विधायक ने सदन में ही आत्महत्या करने के लिए सैनिटाइजर पीने की कोशिश की।

देवगढ़ सीट से भाजपा विधायक सुभाष चंद्र पाणिग्रही ने उस समय सैनिटाइजर पीने की कोशिश की जब राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आर पी स्वैन धान खरीद पर बयान पढ़ रहे थे। विपक्षी भाजपा एवं कांग्रेस के सदस्यों ने भोजनावकाश से पहले सदन की कार्यवाही बाधित की, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष एस एन पात्रो ने मंत्री से सदन में बयान देने को कहा।

सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद जब शाम चार बजे फिर से शुरू हुई तो मंत्री ने बयान पढ़ना शुरू किया, तभी पाणिग्रही अपनी सीट से खड़े हुए और सैनिटाइजर की बोतल अपनी जेब से निकाली और पीने की कोशिश की।

उनके पास बैठी भाजपा विधायक कुसुम टेटे ने पहले देवगढ़ के विधायक को ऐसा करने से रोका और इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री बी के अरुख और सरकार की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने हस्तक्षेप किया और भाजपा विधायक से सैनिटाइजर की बोतल छीन ली।

इसपर प्रतिक्रिया देते हुए पाणिग्रही ने कहा कि मैंने पहले ही इस मुद्दे पर आत्मदाह करने की धमकी दी थी। इसके बावजूद सरकार ने किसानों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया, जो मंडियों में धान बेचने के लिए मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में मुझसे पहले लोग आत्महत्या करने की धमकी दे रहे हैं, इसलिए मैंने सदन में सैनिटाइजर पीकर ऐसा करने का फैसला किया। भाजपा विधायक ने कहा कि यहां तक सरकार भी किसानों के हित में कार्य करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन जमीनी सच्चाई अलग है।

पाणिग्रही ने कहा कि मेरे पास यह सख्त कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। पाणिग्रही का तुरंत डॉक्टरों ने चिकित्सकीय परीक्षण किया और कहा कि उनकी सेहत अच्छी और स्थिर है। हालांकि, सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ सदस्य एवं बालासोर जिले के भोगराई सीट से विधायक अनंत दास ने कहा कि ‘‘विधायक का यह कृत्य अस्वीकार्य है।

इससे पहले ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण शुक्रवार को धान खरीद के मुद्दे पर हंगामे के साथ शुरू हुआ। विपक्षी भाजपा एवं कांग्रेस के सदस्यों ने धान खरीद में राज्य सरकार द्वारा कुप्रबंधन करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की एवं शोरगुल किया।

विधानसभा में प्रश्नकाल की जैसे ही शुरुआत हुई पूर्वाह्न करीब साढ़े दस बजे दोनों पार्टियों के विधायक धान खरीद के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए। हंगामा देख विधानसभा अध्यक्ष एस एन पात्रो ने पहले पूर्वाह्न 11 बजकर 30 तक मिनट के लिए और बाद में शाम चार बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

उल्लेखनीय है कि 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में बीजद के 113 सदस्य हैं जबकि भाजपा के 22, कांग्रेस के नौ, माकपा का एक और एक निर्दलीय विधायक है। कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने मंत्री के बयान को ‘मजाक’ करार दिया। ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण नौ अप्रैल तक जारी रहेगा।

विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक ताराप्रसाद बाहिनीपति ने सदन से बाहर कहा कि हम सदन की कार्यवाही तबतक चलने नहीं देंगे जबतक सरकार राज्य की विभिन्न मंडियों में धान की खरीद पूरी नहीं कर लेती। विधानसभा अध्यक्ष को तत्काल धान खरीद करने का निर्देश देना चाहिए। बहिनीपति एवं अन्य कांग्रेस विधायकों ने सदन में अध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने कहा कि सरकार ने विभिन्न मंडियों से धान खरीद नहीं कर जनता और विपक्षी पार्टियों को धोखा दिया है क्योंकि बजट सत्र के पहले चरण के दौरान हुई सर्वदलीय बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया था।

भाजपा सदस्यों ने भी इस मुद्दे को उठाया और सदन में कांग्रेस विधायकों के साथ विरोध करते हुए सरकार से विभिन्न मंडियों से धान की तुरंत खरीद करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।

मंत्री ने हालांकि, अपने जवाब में राज्य सरकार का बचाव किया और दावा किया कि ओडिशा सरकार धान खरीद के लिए सभी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। विभिन्न जिलों में धान खरीद में अनियमितता की जांच कराई जा रही है।

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