New Delhi News: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द एक आम समस्या बन गई है। अक्सर लोग इसे थकान या तनाव का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। दर्द होते ही लोग मेडिकल स्टोर से पेनकिलर लेकर खा लेते हैं। लेकिन, हर बार ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। आकाश हेल्थकेयर के न्यूरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. मधुकर भारद्वाज ने इसको लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने ऐसे 7 गंभीर लक्षणों के बारे में बताया है, जिन्हें भूलकर भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। ये लक्षण किसी बड़ी न्यूरोलॉजिकल बीमारी का संकेत हो सकते हैं।
न्यूरोलॉजिकल जांच कब है जरूरी?
डॉ. मधुकर भारद्वाज के अनुसार, अगर आपको बार-बार सिरदर्द हो रहा है, तो सावधान हो जाएं। यदि दर्द असहनीय हो जाए, तो सिर्फ दर्द निवारक दवाएं खाना सही नहीं है। कई बार यह सामान्य दर्द नहीं, बल्कि दिमाग या नसों से जुड़ी गंभीर बीमारी हो सकती है। ऐसे में समय रहते न्यूरोलॉजिकल चेकअप कराना बेहद महत्वपूर्ण है। सही समय पर इलाज न मिलने से स्थिति बिगड़ सकती है।
अचानक तेज दर्द और सुबह की तकलीफ
अगर किसी को अचानक बहुत तेज सिरदर्द शुरू हो, तो इसे हल्के में न लें। ऐसा दर्द ब्रेन ब्लीड, स्ट्रोक या नसों की किसी गंभीर समस्या का इशारा हो सकता है। इसे तुरंत मेडिकल इमरजेंसी मानें। इसके अलावा, अगर सुबह सोकर उठते ही सिर में भारीपन लगे या दर्द के कारण रात में नींद खुल जाए, तो सतर्क हो जाएं। यह दिमाग के अंदर बढ़े हुए प्रेशर (Intracranial Pressure) का लक्षण हो सकता है। इसे सिर्फ नींद की कमी मानकर टालना खतरनाक है।
उल्टी, बेहोशी और बढ़ती उम्र का असर
कई बार सिरदर्द के साथ लोगों को बार-बार उल्टी आती है। लोग इसे अक्सर एसिडिटी समझ लेते हैं। अगर दर्द के साथ चक्कर आएं, बेहोशी छाने लगे या मिर्गी जैसे दौरे पड़ें, तो यह खतरे की घंटी है। यह ब्रेन इंफेक्शन, ट्यूमर या गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर हो सकता है। वहीं, अगर 50 साल की उम्र के बाद पहली बार तेज सिर में दर्द हो, तो डॉक्टर से जरूर मिलें। यह ब्लड वेसल्स से जुड़ी बीमारी हो सकती है।
चोट और दर्द के पैटर्न में बदलाव
सिर में चोट लगने के बाद अगर सिरदर्द लगातार बना रहे, तो यह चिंता का विषय है। अगर दर्द बढ़ता जाए या उलझन महसूस हो, तो यह अंदरूनी चोट या दिमाग में सूजन का संकेत है। इसके अलावा, अगर आपको पहले से माइग्रेन है लेकिन अब दर्द का तरीका बदल गया है, तो सावधान रहें। दर्द की जगह बदलना या नए लक्षण दिखना खतरे का संकेत है। ऐसे में पुरानी दवा खाने के बजाय डॉक्टर को नए लक्षणों के बारे में बताएं।
शरीर का सुन्न होना और पेनकिलर के नुकसान
अगर सिरदर्द के साथ हाथ-पैर में कमजोरी लगे या शरीर का कोई हिस्सा सुन्न हो जाए, तो तुरंत अस्पताल जाएं। बोलने या देखने में दिक्कत होना न्यूरो अटैक का लक्षण हो सकता है। डॉ. मधुकर चेतावनी देते हैं कि बिना सलाह के पेनकिलर खाने से असली बीमारी छिप जाती है। लगातार दवा लेने से ‘मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक’ की समस्या हो सकती है। इससे दिमाग दर्द के प्रति और ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। इसलिए, सही इलाज कराना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
