हरिद्वार की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में पीड़ित के कोर्ट में मुकरने के बावजूद दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह सजा डीएनए रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के आधार पर सुनायी है।  शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि, पीड़ित नाबालिग के पिता ने विशु, निवासी ग्राम मोहम्मद पुर, थाना भौरा कलां जिला शामली यूपी पर नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म व पॉक्सो ऐक्ट केस दर्ज कराया था। लेकिन पीड़िता ने कोर्ट में गवाही के वक्त अपने साथ किसी भी घटना होने से इंकार कर दिया था, लेकिन फोरेंसिक जांच में युवक और नाबालिग के रक्त नमूने मैच हो गए थे। जिस पर कोर्ट ने डीएनए जांच पॉजिटिव आने पर युवक को सजा सुनायी।

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