Right News

We Know, You Deserve the Truth…

गाइडलाइन का उल्लंघन करके टिका लगवाने वाली मंत्री की बेटी कोरोना मृतक के परिवार पर लगा रही आरोप


कथित कोरोना योद्धा अपनी गृह पँचायत में कोरोना मृतक के परिवार से दस दिन में भी नहीं पूछ पाई कुशलक्षेम, उल्टा उन्हीं पर लगा रही है आरोप

धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में जलशक्ति मन्त्री का परिवार पुराने जमाने के राजपरिवार की तरह व्यवहार करता है। जो यहां हमेशा नियमों को ताक पर ऱखकर काम करता है। कोरोना काल में भी भीड़ इकठ्ठा करने के इनके दर्जनों घटनाएँ हैं लेकिन इस परिवार के आगे मुख्यमंत्री से लेकर स्थानीय प्रशासन कोई कुछ नहीं कर पाता है। अब उसका ताज़ातरीन उदाहरण 1 मई को प्रदेश सरकार के जलशक्ति मन्त्री की बेटी व भाजपा महिला मोर्चा की राज्य सचिव बंदना गुलेरिया को रिपीन हॉस्पिटल शिमला में लगाई गई कोरोना वैक्सीन है जो सरकार के दिशा निर्देश को ठेंगा दिखा कर 41 वर्षीय मन्त्री की बेटी को लगाया गया है। जिसका विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे को सर्वप्रथम धर्मपुर से माकपा नेता व पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने उठाया था और उसके बाद कई और संगठनों ने भी इसके बारे सवाल खड़े किए जा रहे हैं और जयराम सरकार से स्थिति स्पस्ट करने की मांग की जा रही है। लेकिन अभी तक इस बारे सरकार व मन्त्री तथा स्वाथ्य विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीँ की गई है।

माकपा नेता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस टीकाकरण के बारे में शिमला स्थित रिपीन अस्पताल में इस बारे पूछताछ करने पर उन्होंने बताया गया है कि मन्त्री की बेटी ने एक डॉक्टर से उन्हें कोई गम्भीर बीमारी होने का प्रमाण पत्र लिया है और उसेके आधार पर उन्हें कोरोना की वैक्सीन लगाई गई है। जबकि भारत सरकार की गाइडलाईन के अनुसार सबसे पहले स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारिओं को ये वैक्सीन लगाई गई है और उसके बाद फ्रंटलाइन वर्करज, फ़िर 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ व्यक्तियों उसके बाद 45 से ऊपर आयु वर्ग में सुगर व अन्य गम्भीर बीमारियों वालों को और फिर 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को कोविड का टीका लगाया जा रहा है। लेकिन 1 मई के बाद 18 वर्ष से अधिक उम्र वालों को टिका लगना था लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण ये शुरू नहीँ हुआ है और अब मई माह के अंतिम सप्ताह में लगने बारे सरकार कह रही है। सरकार के दिशा निर्देश में 45 वर्ष से नीचे वाले लोगों को सूगर या कोई और बीमारी होने पर टीका लगाने का कोई आर्डर नहीँ है लेकिन लेकिन सरकार में सबसे वरिष्ठ मन्त्री की बेटी को ये टीका लगाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है जिसका कोई जबाब नहीँ दे पा रहा है।

ये सब भाजपा सरकार व जलशक्ति मन्त्री के रसूख व दबाब में हुआ है जो बहुत ही निंदनीय है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को टीका लगाने का विरोध नहीँ करते हैं और सरकार से कई बार मांग कर चुके हैं कि जल्दी से जल्दी सभी को कोरोना का टीका लगाया जाये।लेक़िन 45 वर्ष से कम आयुवर्ग में हिमाचल प्रदेश में केवलमात्र एक ही व्यक्ति को ये टीका लगाया गया और वो भी किसी जरुरत मंद या ग़रीब व्यक्ति को नहीं बल्कि मन्त्री की बेटी व भाजपा महिला मोर्चा की राज्य सचिव को ही ये टीका किस आधार पर लगाया गया है वे इस बात का विरोध कर रहे हैं और सरकार की कर्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस सारे घटनाक्रम पर मीडिया में मन्त्री की बेटी द्धारा ये बयान दिया गया कि वह भी कोरोना योद्धा है इसलिये उनको टीका लगना उचित ही है। उन्होंने ये भी कहा है कि वो भी इन्सान है इसलिए टीका लगाना उसका भी हक़ है।इससे ये लगता है कि हिमाचल प्रदेश में केवल मात्र कोरोना योद्धा व इन्सान वही है और बाकी सब कीड़े मकोड़े हैं। हालांकि उनकी गृह पँचायत चोलथरा में दस दिन पहले एक युवक की कोरोना से मौत हुई है लेकिन इस तथाकथित कोरोना योद्धा ने इस परिवार का दूरभाष पर भी कुशलक्षेम तक नहीं पूछा जबकि उनसे मिलना तो दूर रहा दूसरी ओर न तो मन्त्री वहां गये और न ही उनके पुत्र जो वर्तमान में धर्मपुर में अघोषित विधायक की भूमिका निभा रहे हैं। आज मन्त्री की बेटी अपने बचाव में सारा दोष उस मृतक के परिवार पर डाल दिया है कि उन्होंने उसे कोई सूचना नहीं दी और यहाँ तक कह दिया है कि मृतक का दाह संस्कार करना उनके परिवार की जिम्मेवारी बनती थी न कि मन्त्री और उनकी। इससे उनकी मानसिकता का परिचय सामने आ गया है जो महामारी के दौर में इस प्रकार बेतुके तर्क दे रही है और अपने लिए लगाये गए कोरोना के टीके को सही ठहराने की बेहुदा कोशिश कर रही है।पिछले कल उन्होंने एक ठेकेदार के माध्य्म से तीन चार पंचायतों में सेनिटाइजर बंटवाने के फ़ोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं और अपने आप को योद्धा घोषित करने की कोशिश की है। भूपेंद्र सिंह ने सरकार से मांग की है कि वो इस बारे स्थिति स्पस्ट करे कि मन्त्री मन्त्री की बेटी और भाजपा महिला मोर्चा की राज्य से सचिव को कोविड नियमों के विपरीत कैसे टीका लगाया गया है और मुख्यमंत्री इसकी जांच करवाये।

error: Content is protected !!