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मध्य पूर्व युद्ध: इजरायल व ईरान तनाव के बीच भारत ने जारी की अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी

Middle East News: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत सरकार ने सक्रिय कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी भारतीयों से सतर्क रहने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। गैर-जरूरी यात्रा टालने और हेल्पलाइन का उपयोग करने का भी निर्देश दिया गया है।

इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच हमलों की आशंका के मद्देनजर इजरायल ने सुरक्षा सख्त कर दी है। कई शहरों में सार्वजनिक बंकर खोले गए हैं। अधिकारियों ने नागरिकों को पहले से तैयार रहने की सलाह दी है।

ईरान ने भी स्पष्ट चेतावनी जारी की है। उसने कहा है कि अगर अमेरिका उस पर हमला करता है तो वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा। इससे इजरायल पर भी संभावित प्रतिक्रियाई हमले का खतरा मंडरा रहा है। स्थिति बेहद नाजुक और तेजी से बदल रही है।

इजरायल में मौजूद भारतीय दूतावास पूरी तरह सतर्क है। उसने चौबीसों घंटे चलने वाली हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तुरंत संपर्क कर सकते हैं। दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय में है।

ईरान में भी भारतीयों के लिए एडवाइजरी

दूसरीओर, ईरान के आंतरिक हालात भी तनावपूर्ण हैं। वहां जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने स्थिति को जटिल बना दिया है। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारतीय नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने को कहा गया है।

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दूतावास ने सलाह दी है कि नागरिक उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों का उपयोग करें। उन्हें विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। स्थानीय समाचारों पर नजर रखनी चाहिए। ईरान में लगभग दस हजार भारतीय रह रहे हैं।

भारत सरकार इन सभी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। विदेश मंत्रालय बड़े पैमाने पर निकासी की तैयारी कर रहा है। हालात के और बिगड़ने पर निकासी अभियान तेज किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य हर भारतीय को सुरक्षित घर पहुंचाना है।

नागरिकों से अपील और सतर्कता

दोनोंदेशों के दूतावासों ने भारतीयों से निरंतर संपर्क में रहने की अपील की है। प्रवासी भारतीयों और छात्रों को अपनी जानकारी दूतावास के साथ साझा करनी चाहिए। संपर्क विवरण अपडेट रखने चाहिए। यह किसी भी आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए जरूरी है।

इजरायल के होम फ्रंट कमांड के दिशा-निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों के बारे में पहले से जानकारी रखनी चाहिए। स्थानीय अलर्ट सिस्टम पर ध्यान देना चाहिए। थोड़ी सी सतर्कता बड़े संकट से बचा सकती है।

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विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है। फिलहाल इजरायल की अनावश्यक यात्राओं से बचना चाहिए। जो नागरिक पहले से मौजूद हैं, वे अपने कार्यक्रमों पर पुनर्विचार करें। उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

क्षेत्रीय स्थिति की जटिलता

मध्य पूर्व मेंयह तनाव अचानक नहीं बढ़ा है। यह क्षेत्र में चल रहे गहरे राजनीतिक और सैन्य मतभेदों का परिणाम है। इजरायल और ईरान के बीच प्रत्यक्ष या परोक्ष टकराव का इतिहास रहा है। वर्तमान घटनाक्रम ने इस टकराव को नए सिरे से हवा दी है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। किसी भी बड़े संघर्ष का क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। तेल आपूर्ति और व्यापार मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। इसीलिए सभी पक्ष संयम बरतने की अपील कर रहे हैं।

भारत सरकार की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विदेश मंत्रालय की टीमें दोनों देशों में लगातार मौजूदा हालात की निगरानी कर रही हैं। वे स्थानीय अधिकारियों के साथ संवाद बनाए हुए हैं। इसका उद्देश्य त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देना है।

नागरिक भी अपनी सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी लें। उन्हें दूतावास द्वारा दी गई सलाह का पालन करना चाहिए। आपातकालीन नंबर और संपर्क जानकारी हमेशा हाथ में रखनी चाहिए। सामूहिक सतर्कता ही इस चुनौती का सबसे अच्छा समाधान है।

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