अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आज धूमधाम से मनाया जा रहा है। देश-विदेश की तर्ज पर हिमाचल में भी सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर कार्यक्रमों आयोजित किए जा रहे हैं। महिलाओं को समर्पित इस विश्वव्यापी उत्सव में आपका लोकप्रिय अखबार अमर उजाला भी इस विशेष आयोजन के साथ भागीदारी निभा रहा है। उन महिलाओं को जिन्होंने खुद के दम पर अपनी राह चुनी और अपनी पहचान बनाकर देवभूमि को भी गौरवान्वित किया। समाज के लिए प्रेरणा पुंज बनीं इन महिलाओं के प्रति हम सब मिलकर सम्मान व कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

कंडक्टर की बेटी शालिनी बनी आईपीएस– ऊना जिले के ठठ्ल गांव के साधारण परिवार में पली बड़ीं शालिनी अग्निहोत्री प्रदेश की यूथ आइकन हैं। बस कंडक्टर की बेटी शालिनी ने कड़ी मेहनत से आईपीएस अधिकारी बनने का मुकाम हासिल किया है। वह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी में पुलिस महकमे की कमान संभाल रही हैं। एसपी कुल्लू रहते हुए नशे के सौदागरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते वह सुर्खियों में रहीं। कभी डीसी पद तक से अनभिज्ञ रहीं शालिनी आईपीएस प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ ट्रेनी का खिताब जीत चुकी हैं। वह विद्यार्थियों और युवाओं को भी अच्छे कॅरिअर के लिए प्रेरित कर रही हैं। युवाओं के लिए उनका संदेश है लक्ष्य को तय करके कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ें।

सबसे कम उम्र में जीता एवरेस्ट– मनाली के पलचान निवासी डिक्की डोलमा ने सबसे कम उम्र में माउंट एवरेस्ट को जीतने की उपलब्धि अपने नाम की है। उन्होंने यह कारनामा पहले ही प्रयास में किया। वर्ष 1984 में माउंट एवरेस्ट का शिखर सम्मेलन कराने वाली पहली भारतीय महिला थीं। डिक्की डोलमा स्कीइंग की भी बेहतरीन खिलाड़ी रही हैं। उन्हें 1994 के राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

चौपाल की रूबीना बनीं बिग बॉस– शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र की बेटी रूबीना दिलैक हाल ही में लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस का खिताब जीत चुकी हैं। रूबीना टॉलीवुड के धारावाहिकों का जाना पहचाना चेहरा बन चुकी हैं। कई धारावाहिकों में वह अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ चुकी हैं। रूबीना को वर्ष 2015 में दादा साहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन अवार्ड, वर्ष 2016 में इंडियन टेलीविजन एकेडमी अवार्ड, गोल्डन मोस्ट फिट एक्ट्रेस अवार्ड, कलर गोल्डन पेट्टल अवार्ड, सास बहु स्टारडम अवार्ड से नवाजा जा चुका है।

मुस्कान सबसे युवा जिप अध्यक्ष– बिलासपुर के बरमाणा से निर्दलीय चुनाव जीतकर 21 साल की मुस्कान ने सबसे कम उम्र की जिला परिषद अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड कायम किया। मुस्कान वर्तमान में लॉ की पढ़ाई कर रही हैं।

शराबबंदी के लिए मिसाल बनीं जबना– मंडी जिले में थरजूण की जबना चौहान ने वर्ष 2016 में 22 साल की उम्र में पंचायत चुनाव जीतकर देशभर में सबसे युवा पंचायत प्रधान बनने की उपलब्धि अपने नाम की। जबना को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। गरीब परिवार में पैदा हुई जबना ने मात्र एक साल के अंदर पंचायत में शराबबंदी लागू कर साहस का काम किया। स्वच्छता अभियान और शराबबंदी के लिए देशभर में मिसाल कायम करने पर फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने भी अपनी फिल्म टॉयलेट- एक प्रेम कथा के प्रमोशन समारोह के दौरान उन्हें सम्मानित किया था।

डब्ल्यूएचओ के कैलेंडर पर गीता– मंडी के सराज क्षेत्र की हेल्थ वर्कर गीता को डब्ल्यूएचओ इंडिया ने अपने 2018 के कैलेंडर में फ्रंट पेज पर जगह दी थी। गीता मंडी के सराज क्षेत्र में दुर्गम रास्तों पर दुपहिया वाहन से जगह-जगह जाकर टीकाकरण करती थीं। खसरा और रुबेला के टीकाकरण में शानदार योगदान के लिए उन्हें सम्मान और नई पहचान मिली। मंडी की इस बेटी के वायरल हुए एक फोटो ने उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कैलेंडर पेज तक पहुंचा दिया। 

नीलकमल ने संभाला ट्रक का स्टीयरिंग– सोलन में अर्की के पिपलुघाट क्षेत्र की नीलकमल ठाकुर प्रदेश की पहली महिला ट्रक चालक हैं। दस वर्षों से वह हिमाचल ही नहीं बाहरी राज्यों में भी ट्रक दौड़ा रही हैं। ट्रांसपोर्ट के कारोबारी पति की 2010 में सड़क हादसे में हुई मौत के बाद नीलकमल ने हिम्मत नहीं हारी। विकट चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने ट्रक का स्टीयरिंग संभाला और कई मिथक तोड़कर सफलता की इबारत लिखी। नीलकमल डेयरी व्यवसाय भी चला रही हैं।

error: Content is protected !!