Uttar Pradesh News: मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड में नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। पुलिस ने आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है। यूपी न्यूज (UP News) की सुर्खियों में बने इस मामले में पारस ने जज के सामने हत्या के आरोपों को नकार दिया है। उसने दावा किया है कि दलित महिला की मौत एक साजिश नहीं, बल्कि हादसा थी। साथ ही आरोपी ने मृतका की बेटी के साथ अपने प्रेम संबंधों की बात भी कबूली है।
ढाई साल पुराने रिश्ते का दावा
पारस सोम के वकील बलराम सोम ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पारस और संबंधित लड़की के बीच पिछले ढाई-तीन साल से प्रेम संबंध थे। वकील के मुताबिक, पारस ने अपहरण के आरोप को पूरी तरह गलत बताया है। उसका कहना है कि वे दोनों अपनी मर्जी से साथ गए थे। पेशी के दौरान पारस का चेहरा कपड़े से ढका हुआ था। उसने कोर्ट को बताया कि वह पुलिस के दबाव के कारण दो दिन से सोया नहीं है। इस वजह से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं लग रहा है।
हादसे में हुई मां की मौत: पारस
वकील के जरिए पारस ने मां की हत्या पर सफाई दी है। उसने कहा, “मैंने हत्या नहीं की है।” पारस के अनुसार, जब वह लड़की के साथ जा रहा था, तब लड़की की मां ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान हुई छीना-झपटी में हाथ में मौजूद धारदार हथियार (बलकटी) गलती से महिला को लग गया। यही चोट उसकी मौत का कारण बनी। आरोपी का कहना है कि उसका इरादा किसी की जान लेने का नहीं था।
सियासी अखाड़ा बना मेरठ
यह मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान और बीजेपी नेता संगीत सोम आमने-सामने आ गए हैं। अतुल प्रधान लगातार पीड़ित परिवार के लिए धरने पर बैठे थे और पुलिस से सवाल कर रहे थे। वहीं, बीजेपी नेता संगीत सोम ने सपा नेताओं पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि उनके जाने के 10 मिनट बाद ही परिवार ने उन पर भरोसा जता दिया। संगीत सोम ने विरोधी नेताओं को ‘छुटभैया नेता’ करार दिया है।
48 घंटे की फरारी का सच
पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल 10 जनवरी से पहले के 48 घंटे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पारस और लड़की दो दिनों तक कहां छिपे थे। फरारी के दौरान उनकी मदद किसने की थी? कोर्ट में पारस से हुई पूछताछ के बाद पुलिस को इस नेटवर्क का पता चलने की उम्मीद है। यूपी न्यूज के इस केस में पुलिस हर कड़ी को जोड़कर सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रही है।
