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2018 में इस निजी हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों के बाबजूद अधिकारियों ने नही की थी कार्यवाही

उपमंडल फतेहपुर के तहत राजा का तालाब स्थित जिस निजी अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर बीएमओ व पूर्व राज्यसभा सदस्य कृपाल परमार का ऑडियो वायरल हुआ है, वह हॉस्पिटल पहले भी विवादों में रहा है। 2018 में इसी हॉस्पिटल में एक व्यक्ति का पेट फाड़ दिया था तथा खुले पेट के साथ घर भेज दिया था। उस मामले में आज तक कोई कार्यवाही नही हुई। अब इसी हॉस्पिटल में कोरोना काल में लापरवाही का मामला सामने आए है। जिस पर पूर्व सांसद कृपाल परमार ने आवाज उठाई है।

आपको बता दें कि अनियमितताओं पर स्वास्थ्य विभाग ने इस अस्पताल को 2018 में लापरवाही होने के बाबजूद सील नही किया था। पूरी घटना इस प्रकार हुई थी कि 11 जुलाई, 2018 को रैहन के परड़ूही गांव के कर्म चंद को अचानक पेट में दर्द हुआ तो स्वजन उसे उक्त अस्पताल ले गए थे। चिकित्सकों ने ऑपरेशन के बाद मरीज को घर भेज दिया था लेकिन कर्म चंद घर में पहुंचकर रात को सो नहीं पाया था। जहां ऑपरेशन के लिए चीरा लगाया था, वहां से पेट खुल गया था।

पेट से निकल रहे पानी से बिस्तर गीला हो गया था। दूसरे दिन स्वजन कर्म चंद को दोबारा अस्पताल ले आए। 10-12 दिन तक मरीज वहां दाखिल रखा, लेकिन जब चिकित्सकों के हाथ खडे़ हो गए तो उन्होंने स्वजन को बताया कि कर्म चंद को डाक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा रेफर किया जा रहा है। मनरेगा में दिहाड़ी लगाने वाले कर्म चंद के हेल्थ कार्ड में उस समय केवल 1500 रुपये ही बचे थे, बाकी सारे पैसे अस्पताल ने खर्च कर दिए थे।

कर्म चंद के साथ हुए अन्याय का मामला राइट फाउंडेशन एनजीओ ने उठाया था। इसके बाद 14 अगस्त, 2018 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार फतेहपुर दौरे पर गए थे। इस दौरान इस बाबत पता चलते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डा. आरएस राणा ने इस हॉस्पिटल के स्थान पर आस पास के दो या तीन हॉस्पिटल को सील करके मामले को निपटा दिया था।

अब जब पूर्व सांसद ने आवाज उठाई है तो देखना होगा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी और प्रशासन इस हॉस्पिटल के खिलाफ क्या कार्यवाही करता है। कृपाल परमार का आरोप है कि हॉस्पिटल में एक ही रास्ते से कोविड और नॉन कोविड मरीज आ जा रहे है। हॉस्पिटल का स्टाफ भी सभी मरीजों के लिए एक ही है और हॉस्पिटल में भारी अनियमितताएं पाई गई है। आम लोगों की जिंदगी से खुले आम खिलवाड़ हो रहा है। जोकि इलाके में कोरोना विस्फोट की स्थिति बना सकता है।

पूर्व सांसद कृपाल परमार ने यह भी आरोप लगाया है कि इस हॉस्पिटल में एक व्यक्ति का ऑपरेशन किया गया और ऑपरेशन के बाद जब वह व्यक्ति घर आया तो कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।

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