Kolkata News: कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने हिंदुत्व को लेकर विवादित बयान दिए हैं। कोलकाता प्रेस क्लब में एक बहस के दौरान उन्होंने हिंदुत्व की कड़ी आलोचना की। अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है जबकि हिंदू धर्म एक आध्यात्मिक धर्म है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म को हिंदुत्व से सुरक्षा की जरूरत है।
अय्यर ने अपने संबोधन में हिंदुत्व को ‘पागलपन में हिंदू धर्म’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व बहुसंख्यकों को अल्पसंख्यकों से डराने का काम करता है। उनके इन बयानों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इन टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है।
हिंदू धर्म और हिंदुत्व में अंतर बताया
कांग्रेस नेताने हिंदू धर्म और हिंदुत्व में स्पष्ट अंतर रेखा खींची। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म हजारों साल पुराना आध्यात्मिक मार्ग है। हिंदुत्व सिर्फ 1923 में आया एक राजनीतिक विचार है। उनके अनुसार हिंदू धर्म बिना हिंदुत्व के भी फलता-फूलता रहा है।
अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व एक पागलपन है जो हिंदुओं को मुसलमानों से डराता है। उन्होंने हिंदुत्व को हिंसा और असहिष्णुता से जोड़ा। उनके मुताबिक यह विचारधारा हिंदू धर्म के मूल स्वभाव के विपरीत है। हिंदू धर्म की शांति और सहिष्णुता को हिंदुत्व खतरे में डाल रहा है।
सावरकर और गांधी के विचारों का जिक्र
मणिशंकर अय्यर नेवीर सावरकर और महात्मा गांधी के विचारों का तुलनात्मक विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने हिंदुओं को हिंसक कार्यों से जोड़ा था। वहीं गांधीजी ने हिंदू धर्म को अहिंसक और सभ्य बताया था। दोनों के बीच यह मूलभूत अंतर है।
अय्यर ने सावरकर के बौद्ध धर्म के प्रति दृष्टिकोण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सावरकर ने बौद्ध धर्म को हिंदुओं के लिए खतरा बताया था। यह बात हिंदुत्व की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है। गांधी और विवेकानंद का हिंदू धर्म इससे बिल्कुल अलग था।
हिंदुत्व से जुड़े गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताने हिंदुत्व को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व एक भूखी आदिवासी लड़की को थप्पड़ मारने जैसा है। यह क्रिसमस की सजावट फाड़ने और शॉपिंग मॉल पर छापे मारने जैसा है। उनके अनुसार यह बीफ के शक में लोगों को पीटने और मारने जैसा है।
अय्यर ने गांधीजी के हवाले से कहा कि गाय की रक्षा के लिए इंसान को मारना हिंदुत्व नहीं है। यह अहिंसा के सिद्धांत के खिलाफ है। उन्होंने हिंदुत्व के नाम पर हो रही हिंसा पर गहरी चिंता जताई। उनका कहना है कि यह हिंदू धर्म की मूल भावना के विरुद्ध है।
इन टिप्पणियों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया है। विपक्षी दल अय्यर के बयानों का इस्तेमाल कांग्रेस पर हमला बोलने के लिए कर रहे हैं। स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है।
