मंडी पुलिस को नशे का काला कारोबार रोकने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। जानकारी के मुताबिक मंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। जब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की तो उनको मंडी के दरंग के पधर में 10 बीघे में निजी और सरकारी भूमि पर अफीम की अवैध खेती की हुई मिली। पुलिस जे 21 घंटे की कड़ी मशक्कत से 1,42,686 पौधों को वहां से हटाया। पुलिस को मौके पर पहुंचने में ही चार घंटे का समय लग गया था। इस बारे पधर थाने में छह एफआईआर दर्ज की गई है।

मामले में जांच डीएसपी पधर लोकेंद्र नेगी द्वारा अमल में लाई जा रही है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री के अधिकारिक मोबाईल नंबर पर पुलिस थाना पधर के उप तहसील टिक्कन में अफीम की अवैध खेती करने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई। इस पर एसपी मंडी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके का जायजा लेने के लिए एक टीम को मंडी से भेजा गया। मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस थाना पधर

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट और सुरक्षा शाखा मंडी से तीन अलग-अलग टीमों को आगामी कार्रवाई के लिए मौके पर भेजा गया। इस दौरान चार घंटे पैदल चलने के उपरांत तीनों टीमें मौके पर पहुंची और 21 घंटे की कार्रवाई में 10 बिघा निजी और सरकारी भूमि से 1 लाख 42 हजार 686 अफीम के पौधों की खेती को पकड़ा गया। आपरेशन के दौरान मौके पर स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान और राजस्व विभाग के आधिकारिक पटवारी भी मौजूद रहे।

एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि मामले में पधर पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत 6 एफआईआर दर्ज कर आगामी जांच शुरु कर दी गई है। उन्होंने कहा कि डीएसपी पधर को कानूनी प्रावधानों के अनुसार पौधों को नष्ट करने के आदेश जारी किए गए है। उन्होंने कहा कि इतनी मात्रा में अफीम की खेती पकड़ने का अब तक का सबसे बड़ा कैच है।

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