पर्यटन व सुरक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मंडी-पठानकोट फोरलेन का काम अप्रैल में शुरू हो जाएगा। इस कार्य को तुरंत शुरू करने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी करीब पूरा कर लिया गया है। इतना ही नहीं, अधिकारिक सूत्रों की मानें, तो इसके लिए नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से बाकायदा टेंडरिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कंडवाल से लेकर सिहुणी तक के पैच तक करीब 12 सौ करोड़ रुपए की टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी है, जिसे अप्रैल में अमलीजामा पहनाए जाने की भी बात कही जा रही है।

कंपिटेंट अथॉरिटी फॉर लैंड एक्यूजेशन यानी काला (भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी) सुरेंद्र कुमार की मानें, तो उनकी ओर से कंडवाल से लेकर भेडखड्ड तक भूमि अधिग्रहण की पूरी फायल तैयार कर संबंधित अथॉरिटी यानी नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के सुपुर्द कर दी गई है। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है, जिसमें भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे के दौरान कई अलग-अलग सर्किल के मुताबिक अलग-अलग तय राशि के तहत भूमि को अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। इस दौरान एनएचएआई की ओर से तैयार किए जाने वाले फोरलेन की चपेट में ऐसे भी भू-मालिक आए हैं, जिन्हें महज़ 97 रुपए प्रति स्किवेयर मीटर के हिसाब से भी मुआवजा दिया जाना तय है, तो वहीं कुछ क्षेत्रों में 17 हजार रुपए प्रति सिक्वेयर मीटर के तहत मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि फोरलेन की चपेट में आने वाले लोगों ने मुआवजे की उचित राशि के लिए संघर्ष आंदोलन छेड़ रखा है। कुछ स्थानों पर लोग उन्हें उचित मुआवजा देने को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं। बावजूद इसके जहां नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया टेंडरिंग प्रक्रिया भी मुकम्मल करने में जुट चुकी है, तो फिर इन भू-मालिकों का क्या होगा, जिनकी जमीनों का अधिग्रहण करने के लिए स्थानीय स्तर पर गठित कमेटी काला की ओर से फाइल एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर तक पहुंचा दी गई है और अब वह बाकायदा इसे अमलीजामा पहनाने की दिशा में भी आगे बढ़ चुके हैं।

पहले चरण में 11 किलोमीटर से लेकर 52 किलोमीटर तक की सड़क का निर्माण होना तय है, जो कि पठानकोट से सिहुणी तक प्रस्तावित है। इससे आगे की प्रक्रिया को भी जल्द अमलीजामा पहनाये जाने का कार्य भी जोरों-शोरों से चल रहा है। यह फोरलेन सड़क परियोजना प्रदेश की सबसे महत्त्वाकांक्षी परियोजना है।

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