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Mandi Court Decision: काम करवाकर पैसे डकार गई कंपनी, अब चुकाने होंगे 57 लाख; कोर्ट का बड़ा फैसला

Himachal News: मंडी की सीनियर सिविल जज कोर्ट ने एक बड़े विवाद का निपटारा किया है। अदालत ने कोस्टल प्रोजैक्ट्स लिमिटेड कंपनी को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कंपनी को वादी अनीता कुमारी के 57,14,515 रुपये तुरंत चुकाने का आदेश दिया है। कंपनी ने काम करवाने के बाद भुगतान रोक रखा था। अब कंपनी को मुकद्दमा दायर करने की तारीख से 18 फीसदी सालाना ब्याज भी देना होगा। यह फैसला उन कंपनियों के लिए सबक है जो भुगतान में आनाकानी करती हैं।

पार्वती जलविद्युत परियोजना से जुड़ा है मामला

यह पूरा विवाद कुल्लू जिले की सैंज घाटी का है। यहाँ पार्वती जलविद्युत परियोजना स्टेज-2 का टनल निर्माण कार्य चल रहा था। अनीता कुमारी खुदाई मशीनों की मालिक हैं। उन्होंने साल 2011 से 2014 के बीच अपनी मशीनें कोस्टल प्रोजैक्ट्स लिमिटेड को किराए पर दी थीं। आरोप था कि कंपनी ने काम तो पूरा करवा लिया, लेकिन पैसा नहीं दिया। कंपनी ने अनीता के खाते से टीडीएस और सुरक्षा राशि काट ली थी। इसके बावजूद असली बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।

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कंपनी नहीं दे पाई कोई सबूत

सुनवाई के दौरान कंपनी ने खुद को बचाने की कोशिश की। कंपनी ने दलील दी कि वादी की मशीनें खराब थीं, जिससे काम ठीक से नहीं हुआ। हालांकि, अदालत में यह दावा खोखला साबित हुआ। कंपनी अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। हैरान करने वाली बात यह रही कि कंपनी ने गवाही के लिए किसी भी व्यक्ति को कटघरे में खड़ा नहीं किया। कानून के मुताबिक, क्रॉस-एग्जामिनेशन के लिए पेश न होना पक्ष को कमजोर बनाता है।

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इस दस्तावेज ने खोल दी पोल

अदालत ने पाया कि कंपनी ने अनीता कुमारी के कानूनी नोटिसों का भी कोई जवाब नहीं दिया था। कोर्ट ने इसे कंपनी की मौन स्वीकृति माना। मामले में सबसे बड़ा सबूत 1 सितम्बर 2015 का ‘कन्फर्मेशन ऑफ अकाऊंट्स’ बना। इस दस्तावेज में कंपनी ने खुद माना था कि उसे अनीता कुमारी का पैसा चुकाना है। इन सभी तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने वादी के पक्ष में डिक्री पारित कर दी। अब कंपनी को मूल रकम के साथ भारी-भरकम ब्याज भी चुकाना होगा।

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