West Bengal News: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बांग्लादेश के चर्चित युवा नेता शरीफ उस्मान हादी के हत्यारों को शरण देने और उन्हें अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने का गंभीर आरोप है। यह गिरफ्तारी उत्तरी 24 परगना जिले के बोंगांव इलाके से हुई है। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया शख्स हत्यारों को सुरक्षित बांग्लादेश वापस भेजने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे धर दबोचा।
एसटीएफ ने पहले ही पकड़े थे दो मुख्य संदिग्ध
शरीफ उस्मान हादी हत्याकांड की जांच कर रही एसटीएफ ने करीब एक हफ्ते पहले दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान फैसल करीम मसूद उर्फ राहुल और आलमगीर हुसैन के रूप में हुई है। राहुल बांग्लादेश के पटुआखाली का निवासी है, जबकि आलमगीर ढाका का रहने वाला है। ये दोनों नेता की हत्या के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए सीमा पार कर भारत भाग आए थे। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी भारत के अलग-अलग हिस्सों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे।
ढाका में हुई थी शरीफ उस्मान हादी की हत्या
इंकलाब मंच के प्रवक्ता 32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी की हत्या 12 दिसंबर को ढाका में की गई थी। वह एक ऑटो-रिक्शा से यात्रा कर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया, जहां 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर राजनीतिक अशांति फैल गई थी।
बांग्लादेश में हुआ सत्ता परिवर्तन
हादी की मौत के बाद उपजे जनाक्रोश का असर बांग्लादेश के आम चुनावों पर भी पड़ा। 12 फरवरी को हुए चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पार्टी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 297 में से 216 सीटों पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ ही बांग्लादेश में 20 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और बीएनपी की सरकार बनी। फिलहाल, पकड़े गए मददगार आरोपी सांगमा को अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

