West Bengal News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने परगना में मुरीगंगा नदी पुल की आधारशिला रखी और भाजपा पर तीखा हमला बोला। सीएम ने साफ कर दिया है कि वह ‘SIR’ के नियमों के खिलाफ कोर्ट जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के सत्यापन के नाम पर आम जनता को परेशान किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास कार्यों को भी गिनाया।
SIR के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
Mamata Banerjee ने एलान किया कि उनकी सरकार मंगलवार को इस मुद्दे पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि हम वोटर लिस्ट को दुरुस्त करना चाहते हैं। लेकिन यह काम सही तरीके से होना चाहिए। इसमें इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है? सीएम ने दावा किया कि इस हड़बड़ी के कारण पिछले दो महीनों में 81 लोगों की जान चली गई है। कई लोगों ने आत्महत्या की कोशिश की और वे अस्पताल में भर्ती हैं। भाजपा सिर्फ झूठ फैलाने का काम कर रही है।
1700 करोड़ से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने गंगासागर पुल को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि केंद्र ने इस क्षेत्र के लिए क्या किया है? Mamata Banerjee ने बताया कि मुरीगंगा नदी पर 1700 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुल बन रहा है। यह चार लेन का अत्याधुनिक पुल होगा और इसकी लंबाई चार किलोमीटर होगी। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ बातें बनाने में विश्वास नहीं रखते हैं। हमारी सरकार जमीन पर काम करके दिखाती है। बंगाल की तरक्की ही हमारा असली जवाब है।
मछुआरों के दर्द पर सियासत
मुख्यमंत्री ने मछुआरों की सुरक्षा का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि मछली पकड़ते समय कई बार मछुआरों पर बाघ या मगरमच्छ हमला कर देते हैं। कई बार वे गलती से सीमा पार चले जाते हैं और गिरफ्तार हो जाते हैं। हमारी सरकार उन्हें जेल से वापस लाने का काम करती है। Mamata Banerjee ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि आप लोग सिर्फ वोटर लिस्ट से नाम हटाना जानते हैं। गरीबों की मदद करना आपके एजेंडे में नहीं है।
