पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे दौर में छिटपुट हिंसा के बीच भारी मतदान देखने को मिल रहा है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके द्वारा की गई शिकायतों पर कार्रवाई न करने को लेकर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा है। हाई प्रोफाइल नंदीग्राम समेत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में छिटपुट हिंसा और मामूली झड़प की घटनाएं सामने आई हैं। नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं और उनका मुकाबला कभी उनके सहयोगी रहे शुभेंदु अधिकारी से है जो भाजपा के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। नाराज बनर्जी ने कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद निर्वाचन आयोग द्वारा उन पर कार्रवाई न करने को लेकर उसे आड़े हाथों लिया और इस मुद्दे पर अदालत जाने की धमकी दी। शिकायतों में ‘बूथ कब्जाने’ और बोयल में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान के आरोप भी हैं।

नंदीग्राम के बोयल में बूथ नंबर-7 के बाहर बैठी ममता बनर्जी ने कहा, ‘हम सुबह से 63 शिकायतें दर्ज करा चुके हैं। लेकिन एक पर भी कार्रवाई नहीं हुई। हम इसे लेकर अदालत जाएंगे। यह अस्वीकार्य है। निर्वाचन आयोग अमित शाह के निर्देश के मुताबिक काम कर रहा है।” ममता की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि यहां कई मतदाता अपना वोट नहीं डाल पाए। ममता ने कहा, ‘अन्य राज्यों के गुंडे यहां अराजकता फैला रहे हैं।’ बनर्जी ने स्थिति के बारे में शिकायत करने के लिये पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भी फोन किया। 

ममता ने राज्यपाल को किया फोन
धनखड़ ने इसके ठीक बाद ट्वीट किया, ‘ममता बनर्जी द्वारा फोन पर कुछ समय पहले उठाए गए मुद्दों से संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।’ निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा, ‘दूसरे चरण में जिन 30 सीटों पर मतदान चल रहा है वहां पर शाम छह बजे तके 80.43 फीसदी मतदान दर्ज हुआ था।

अधिकारियों ने बताया कि जिन सीटों पर आज विधानसभा चुनाव हो रहा है उनमें पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर जिलों की नौ-नौ सीटें, बांकुड़ा की आठ और दक्षिण 24 परगना की चार सीटें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर कोविड-19 संबंधी प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। छिटपुट हिंसा और बूथ ‘जाम किये जाने की खबरों के बीच स्थिति का जायजा लेने के लिए नंदीग्राम में बनर्जी और अधिकारी दोनों ने ही विभिन्न मतदान बूथों का दौरा किया। बूथ ‘जाम दरअसल किसी पार्टी के कार्यकर्ताओं की लंबी कतार लगाकर मतदाताओं को मतदान बूथ से बाहर रखने की कोशिश को कहा जाता है। 

चौंकाने वाली बात यह है कि संभावित हिंसा को रोकने के लिए नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में धारा-144 लगाई गई थी। नंदीग्राम के बोयल इलाके में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उन्हें मतदान बूथ तक जाने से रोका। जैसे ही बनर्जी बोयल पहुंचीं भाजपा समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाना शुरू कर दिया। यहां भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच कथित तौर पर हिंसा हुई क्योंकि टीएमसी नेता गांव के बूथ नंबर सात पर पुन: मतदान कराने की मांग कर रहे थे। कथित तौर पर पथराव की घटना के बीच स्थिति को नियंत्रित करने के लिये मौके पर पुलिस और त्वरित कार्य बल को भेजा गया। 

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