Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर पिछले साल मौत का भयानक मंजर देखने को मिला। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में कुल 1920 सड़क हादसे हुए। इन दर्दनाक दुर्घटनाओं में 789 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 3030 लोग घायल हुए। हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले साल के मुकाबले हादसों में करीब 10 फीसदी की कमी आई है। सरकार ने अब घायलों की जान बचाने वाले मददगारों को 25,000 रुपये का नकद इनाम देने का ऐलान किया है।
पहाड़ों से गिर रही गाड़ियां, आंकड़े डराने वाले
सड़क सुरक्षा बैठक में एक चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है। विभाग के अनुसार, गाड़ियों के सड़क से नीचे लुढ़कने (रन ऑफ रोड) के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। साल 2024 की तुलना में ऐसे हादसों में 4 फीसदी का इजाफा हुआ है।
- सड़क से गाड़ी गिरने के कुल 317 मामले सामने आए।
- इन हादसों में अकेले 226 लोगों की मौत हुई।
- कुल 495 लोग बुरी तरह जख्मी हुए।
- इस श्रेणी में मरने वालों की संख्या में 14.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मददगारों को नकद ईनाम और मुफ्त इलाज
अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आरडी नजीम ने बैठक में बड़े फैसले लिए। अब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले ‘गुड समारिटन’ को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
इसके अलावा, सरकार ‘कैशलेस ट्रीटमेंट योजना’ की समीक्षा कर रही है। इसके तहत:
- घायलों को 7 दिन तक अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा।
- इलाज के लिए 1.50 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
- टक्कर लगने से घायल होने पर पीड़ित को 50 हजार रुपये मिलेंगे।
- मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
हर जिले में चिन्हित होंगे 5 डेंजर जोन
प्रशासन ने अब हादसों को रोकने के लिए कमर कस ली है। आरडी नजीम ने सभी उपायुक्तों (DC) को अपने जिलों में पांच-पांच ऐसे स्थान खोजने के निर्देश दिए हैं, जहां गाड़ियां सबसे ज्यादा गिरती हैं। इन जगहों को इंजीनियरिंग की मदद से ठीक किया जाएगा।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सड़क सुरक्षा के लिए पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जाएगा। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों और ओवरस्पीडिंग करने वालों की अब खैर नहीं होगी। गलत दिशा में वाहन चलाने, गाड़ी के बाहर सामान लटकाने या क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाले चालकों पर भी सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस अभियान की समीक्षा बैठक 15 फरवरी को होगी।
