गैस सिलेंडर संकट पर बड़ी राहत: हिमाचल में आज से फिर शुरू होगी सप्लाई, अफवाहों पर सरकार का कड़ा रुख

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कुछ दिनों से जारी व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की किल्लत अब खत्म होने जा रही है। राज्य सरकार ने शनिवार यानी 14 मार्च से व्यावसायिक सिलेंडरों की 20 प्रतिशत आपूर्ति बहाल करने का फैसला लिया है। इससे प्रदेश को प्रतिदिन 600 से अधिक नए सिलेंडर मिलने लगेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और मुख्य सचिव ने जनता से अपील की है कि वे सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर कतई ध्यान न दें।

व्यावसायिक सिलेंडरों का कोटा बहाल

मार्च के दूसरे सप्ताह में व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई अचानक कम हो गई थी। इससे पर्यटन और खान-पान के कारोबार पर बुरा असर पड़ा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने बताया कि शनिवार से 20 प्रतिशत कोटा फिर शुरू हो जाएगा। वर्तमान में अस्पतालों और छात्रावासों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर दिए जा रहे हैं। हिमाचल में हर दिन लगभग 3,012 व्यावसायिक और 30 हजार से अधिक घरेलू सिलेंडरों की खपत होती है।

घरेलू गैस की बुकिंग पर मुख्य सचिव की अपील

मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में घरेलू गैस का स्टॉक पर्याप्त है। बुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले सर्वर में आ रही तकनीकी दिक्कतें शनिवार सुबह तक ठीक हो जाएंगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक बुकिंग न करें। सर्वर पर दबाव कम करने के लिए उपभोक्ता केवल एक बार ही बुकिंग करें। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर विशेष टीमों का गठन भी किया है।

जमाखोरी पर सीएम सुक्खू का बड़ा बयान

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नादौन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई जमाखोरी नहीं हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने हिमाचल में गैस की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है। लोगों को पैनिक बुकिंग से बचना चाहिए क्योंकि राज्य के पास पर्याप्त ईंधन और केरोसिन तेल का भंडार मौजूद है।

शिकायत के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर

गैस की कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की जमाखोरी की सूचना देने के लिए सरकार ने टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। उपभोक्ता अपनी शिकायत 1967 या 1100 पर दर्ज करवा सकते हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि संकट का फायदा उठाकर अधिक दाम वसूलने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। गैस एजेंसियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टॉक की स्थिति पारदर्शी रखें।

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