NIA का बड़ा एक्शन: भारत के 3 एयरपोर्ट्स से अमेरिकी कमांडो और 6 यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार, क्या थी खूनी साजिश?

Delhi News: भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक सनसनीखेज अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को दबोच लिया है। यह गिरफ्तारियां दिल्ली, कोलकाता और लखनऊ के हवाई अड्डों से की गई हैं। इन सभी पर भारत की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डालने और म्यांमार के रास्ते उग्रवादी समूहों की मदद करने का गंभीर आरोप है। अदालत ने आरोपियों को 11 दिन की NIA कस्टडी में भेज दिया है।

भारत की सीमा लांघकर म्यांमार पहुंचने का है आरोप

NIA की जांच में सामने आया कि ये विदेशी नागरिक बिना वैध परमिट के मिजोरम पहुंचे थे। वहां से वे अवैध तरीके से सीमा पार कर म्यांमार में दाखिल हुए। आरोपियों ने म्यांमार में सक्रिय एथनिक आर्म्ड ग्रुप्स (EAGs) से संपर्क साधा। इन समूहों के तार भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय उग्रवादी संगठनों से जुड़े होने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

हथियार और खतरनाक ड्रोन ट्रेनिंग देने की थी तैयारी

आरोपियों के खिलाफ दर्ज FIR के मुताबिक, यह समूह उग्रवादियों को सैन्य स्तर की ट्रेनिंग देने आया था। उनकी योजना हथियारों की सप्लाई करने और यूरोप से लाए गए आधुनिक ड्रोन्स का इस्तेमाल सिखाने की थी। विशेष रूप से ड्रोन वॉरफेयर, असेंबली और जैमिंग टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देने की बात सामने आई है। इस खतरनाक साजिश के खुलासे के बाद सभी आरोपियों पर UAPA के तहत सख्त केस दर्ज किया गया है।

कौन है मैथ्यू वैनडाइक और क्या है उसका पुराना इतिहास?

गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक कोई आम व्यक्ति नहीं है। वह एक पेशेवर भाड़े का सैनिक (Mercenary) और ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ का संस्थापक है। वैनडाइक ने 2011 में लीबिया के गृहयुद्ध में विद्रोहियों के साथ लड़ाई लड़ी थी। वह इराक में ISIS के खिलाफ और सीरिया के युद्ध में भी शामिल रहा है। 2022 से वह रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन को सैन्य ट्रेनिंग और ड्रोन तकनीक मुहैया करा रहा था।

गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिकों की हुई पहचान

13 मार्च को हुई इस बड़ी कार्रवाई में पकड़े गए यूक्रेनी नागरिकों की पहचान हो गई है। इनमें पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफनकिव, मक्सिम होंचारुक और विक्टर कामिंस्की शामिल हैं। पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस पूरे ऑपरेशन के पीछे कौन सी अंतरराष्ट्रीय ताकतें काम कर रही थीं।

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