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महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: संजय और बबीता मेंढे ने पति-पत्नी की जोड़ी ने रचा इतिहास, वोट गिनती में आई बाधा

Maharashtra News: सांगली, मिराज और कुपवाड़ नगर निगम चुनाव के नतीजे सामने आ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार संजय मेंढे और उनकी पत्नी बबीता मेंढे ने मिराज के वार्ड नंबर 5 से शानदार जीत दर्ज की है। पति-पत्नी की यह जोड़ी एक ही वार्ड से चुनाव जीतकर इतिहास रचने में सफल रही। उनके समर्थकों ने जीत का जोशीला जश्न मनाया।

तीनों नगर निगमों की कुल 78 सीटों के लिए मतगणना आज सुबह से शुरू हुई। प्रक्रिया सुबह 10 बजे पोस्टल बैलेट गिनती के साथ आरंभ हुई। लेकिन चुनाव अधिकारियों की लापरवाही के चलते गिनती करीब एक घंटे के लिए रुक गई। इसके बाद प्रक्रिया फिर से शुरू की गई और ईवीएम वोटों की गिनती होने लगी।

राजनीतिक दलों का प्रदर्शन

शुरुआतीरुझानों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना के शिंदे गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट ने अच्छी बढ़त बना ली है। कांग्रेस पार्टी ने भी कई वार्डों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सभी प्रमुख दल चुनावी मैदान में डटे हुए हैं और नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

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इन चुनावों में औसत मतदान लगभग साठ प्रतिशत रहने का अनुमान है। वोटिंग शाम साढ़े सात बजे तक जारी रही। 2018 के नगर निगम चुनावों में बासठ दशमलव सत्रह प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान में कुछ गिरावट दिखाई दी है। इस गिरावट ने सभी उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी थी।

महाराष्ट्र राजनीति में महत्व

येनगर निगम चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति के लिए काफी महत्व रखते हैं। सांगली क्षेत्र में सभी प्रमुख दलों की साख दांव पर लगी है। स्थानीय निकाय चुनाव अक्सर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति का संकेत देते हैं। इसलिए सभी पार्टियां इन नतीजों पर गंभीरता से नजर रख रही हैं।

मतगणना में आई रुकावट ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मतगणना की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। चुनाव आयोग ने इस घटना की जांच का आश्वासन दिया है।

कांग्रेस के लिए पति-पत्नी की जोड़ी की जीत एक बड़ी सफलता है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। स्थानीय निकाय चुनावों में ऐसी जीत पार्टी के संगठनात्मक सुदृढ़ता को दर्शाती है। अन्य दल भी अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं।

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भविष्य की राजनीतिक रणनीति

इन चुनाव नतीजोंका असर आने वाले विधानसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है। सभी राजनीतिक दल स्थानीय स्तर पर अपनी ताकत का आकलन करेंगे। जनता के रुझान को समझने के लिए ये चुनाव एक अहम सूचक साबित होंगे। इसलिए हर पार्टी इन परिणामों को गंभीरता से ले रही है।

मतगणना का काम अब फिर से पूरी गति से चल रहा है। चुनाव आयोग ने सभी सीटों के नतीजे शीघ्र घोषित करने का लक्ष्य रखा है। स्थानीय मीडिया और राजनीतिक विश्लेषक लगातार अपडेट दे रहे हैं। मतदाता भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए जाने जाते हैं।

नगर निगम चुनाव स्थानीय मुद्दों और विकास पर केंद्रित होते हैं। सफाई, पानी, सड़क और बुनियादी सुविधाएं मुख्य चुनावी मुद्दे रहे। नागरिकों ने अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वोट देकर स्थानीय प्रशासन की दिशा तय की है। अब नतीजे सामने आने का इंतजार है।

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