रविवार, जनवरी 4, 2026
3.3 C
London

महाराष्ट्र: सोलापुर में चुनावी हिंसा, मनसे नेता बालासाहेब सरवदे की हत्या का आरोप बीजेपी पर

Maharashtra News: सोलापुर में महानगरपालिका चुनाव के दौरान एक राजनीतिक हत्या ने तनाव पैदा कर दिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के पदाधिकारी बालासाहेब सरवदे की निर्मम हत्या कर दी गई। आरोप है कि यह हत्या प्रभाग 2 से सभी बीजेपी उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत में अड़चन दूर करने के लिए की गई।

इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। चार से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। मृतक सरवदे को मनसे के युवा नेता अमित ठाकरे का करीबी सहयोगी माना जाता था। विरोधी दल बीजेपी विधायक विजयकुमार देशमुख और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

हत्या का तरीका

शिकायत केअनुसार हमलावरों ने पहले सरवदे की आंखों में चटनी फेंकी। इसके बाद उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। यह घटना प्रभाग नंबर 2 के में हुई जहां बीजेपी के दो गुटों के बीच विवाद चल रहा था। यह सीट ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित है।

बीजेपी ने इस सीट के लिए शालिनी शंकर शिंदे को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था। वहीं रेखा सरवदे ने बागी उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। रेखा पर नाम वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी विवाद के बीच बालासाहेब सरवदे की हत्या हुई।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

मनसेनेता प्रशांत इंगले और माकपा के नेता नरसैय्या एडम ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या में विधायक विजयकुमार देशमुख और उनके बेटे किरण की भूमिका है। किरण भी प्रभाग 2 से चुनाव लड़ रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी ने निर्विरोध जीत के लिए यह हत्या करवाई।

यह भी पढ़ें:  राहुल गांधी: संसद में कुत्ते पर विवाद, बोले- बेचारे जानवर ने क्या बिगाड़ा? जानें पूरा मामला

सोलापुर से कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी खून की राजनीति कर रही है। सरवदे की हत्या पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि राजनीतिक कारणों से हुई है। उन्होंने कहा कि सोलापुर में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।

हत्या के बाद का दृश्य

सूत्रोंके अनुसार हत्या के बाद कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अजीबोगरीब प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘विकेट गिरी’ बोलकर नाचना शुरू कर दिया। उन्होंने सरवदे की हत्या का जश्न मनाया। इस घटना ने स्थानीय राजनीति में गहरा तनाव पैदा कर दिया है।

स्थानीय निवासी इस हिंसक घटना से स्तब्ध हैं। उनका कहना है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा ने हिंसा का रूप ले लिया है। राजनीतिक वैचारिक मतभेद हत्या का कारण नहीं बनने चाहिए। सोलापुर की राजनीति में इस तरह की घटना नई है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस नेतुरंत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। हत्या के आरोप में 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें से कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है।

यह भी पढ़ें:  मनरेगा बजट: कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाए मनरेगा को कमजोर करने के आरोप, कहा, बजट भी किया कम

पुलिस आयुक्त ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने आरोपों की जांच का आश्वासन दिया। पुलिस ने कहा कि वह निष्पक्ष तरीके से जांच करेगी। सभी संदिग्धों को कानून के समक्ष लाया जाएगा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

बालासाहेब सरवदेमनसे के प्रमुख युवा नेता थे। उन्हें अमित ठाकरे का विश्वासपात्र सहयोगी माना जाता था। वह महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना में वरिष्ठ पद पर थे। उनकी हत्या ने पार्टी के भीतर गुस्सा पैदा कर दिया है।

सोलापुर में महानगरपालिका चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। विभिन्न दलों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज है। इस हत्या ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

भविष्य के प्रभाव

इस घटनाका राज्य की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। विपक्षी दल बीजेपी पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस और प्रशासन पर सरकार का दबाव है। चुनावी प्रक्रिया में हिंसा ने लोकतंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना से सोलापुर में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। मतदाताओं की प्रतिक्रिया चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है। सभी दलों को शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। हिंसा से बचना सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

Hot this week

HPU Shimla: छात्रों की जेब पर बढ़ा बोझ, महंगी हुई पढ़ाई, पढ़ें यूनिवर्सिटी का नया फैसला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित एचपीयू...

Related News

Popular Categories