Maharashtra News: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए गुरुवार, 15 जनवरी को मतदान प्रक्रिया संपन्न हो रही है। देश के सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सहित इन चुनावों को राज्य की राजनीति का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है। इसी बीच वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी के पिछले दस वर्षों के वर्चस्व को पूरी तरह समाप्त कर देंगे।
‘एकदलीय व्यवस्था’ बनाम ‘बहुदलीय लोकतंत्र’
अकोला में मतदान करने के बाद डॉ. बी.आर. आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने मीडिया से खास बातचीत की। उन्होंने भाजपा की रणनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सत्ताधारी दल देश में एकदलीय व्यवस्था थोपना चाहता है। हालांकि, महाराष्ट्र की जनता बहुदलीय शासन में यकीन रखती है। आंबेडकर के अनुसार, मतदाता काफी समय से इन चुनावों का इंतजार कर रहे थे और अब वे अपना फैसला सुना रहे हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि बीएमसी समेत किसी भी निकाय में कोई भी एक दल पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाएगा।
बीएमसी चुनाव: शिवसेना के विभाजन के बाद पहली बड़ी परीक्षा
साल 2022 में शिवसेना में हुई फूट के बाद यह पहला मौका है जब मुंबई महानगरपालिका के लिए वोट डाले जा रहे हैं। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के लिए यह अस्तित्व की लड़ाई है। ₹74,000 करोड़ के सालाना बजट वाली बीएमसी पर पिछले 25 वर्षों से अविभाजित शिवसेना का राज था। इस बार समीकरण बदले हुए हैं; उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मराठी वोटों को सहेजने के लिए एक साथ नजर आ रहे हैं, वहीं भाजपा और शिंदे गुट हिंदुत्व के एजेंडे पर चुनावी मैदान में हैं।
29 शहरों की सत्ता का फैसला अब ईवीएम में कैद
महाराष्ट्र के 29 शहरी निकायों में कुल 3.48 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इन चुनावों में कुल 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं। मुंबई की 227 सीटों पर अकेले 1700 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव के दौरान धनबल के प्रयोग पर टिप्पणी करते हुए प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि जनता जागरूक हो चुकी है और पैसे बांटने वालों को खुद सबक सिखा रही है, जो लोकतंत्र के लिए सुखद संकेत है।
त्रिकोणीय मुकाबले और नए गठबंधन
इस बार का चुनाव नए गठबंधनों के लिए भी जाना जाएगा। मुंबई में प्रकाश आंबेडकर की पार्टी VBA ने कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया है। वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे महत्वपूर्ण शहरों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों ने अपनी-अपनी ताकत झोंक दी है। महाराष्ट्र की सत्ता का ऊंट किस करवट बैठेगा, इसका खुलासा 16 जनवरी को होने वाली मतगणना के बाद हो जाएगा।
