Ahmedabad News: मैजिकविन वेबसाइट से जुड़े सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में कुल 14 लोगों और संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर की है। यह पूरा मामला अवैध सट्टेबाजी और पैसों की हेराफेरी से जुड़ा है।
अवैध स्ट्रीमिंग से शुरू हुई थी जांच
एफआईआर में मैजिकविन के संचालकों पर गंभीर आरोप लगे थे। उन्होंने बिना अनुमति के आईसीसी मेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2024 के मैचों का प्रसारण किया था। इन मैचों के प्रसारण के अधिकार केवल स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पास थे। इसी अवैध स्ट्रीमिंग और सट्टेबाजी के लिंक को खंगालते हुए ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। ऐप के जरिए यूजर लाइव स्कोर और मैच देखते हुए दांव लगाते थे।
सट्टेबाजी का ‘पाकिस्तानी’ लिंक आया सामने
ईडी की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मैजिकविन वेबसाइट यूनाइटेड किंगडम (UK) में रजिस्टर्ड कंपनी ‘मैजिकविन स्पोर्ट्स लिमिटेड’ की है। इसके डायरेक्टर गुलाब हरजी मल और ओमेश कुमार गुरनानी हैं। जांच में सामने आया है कि ये दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं। ये कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहते हैं। यह प्लेटफॉर्म वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए चलता है।
हवाला और क्रिप्टो से पैसों का खेल
जांच एजेंसी ने पाया कि सट्टेबाजी के पैसों के लेन-देन के लिए ‘म्यूल बैंक खातों’ (किराए के खाते) का इस्तेमाल किया गया। खिलाड़ियों को भुगतान करने के लिए घरेलू मनी ट्रांसफर सेवाओं की मदद ली गई। ईडी ने शुरुआती कार्रवाई में करीब ढाई करोड़ रुपये फ्रीज किए थे। साथ ही कई डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए थे। जांच में पता चला कि सट्टे की कमाई को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए इधर-उधर किया जाता था।
कैसीनो गेम्स और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग
मैजिकविन एक ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म है। यहां तीन पत्ती, पोकर, रूलेट और ब्लैकजैक जैसे लाइव कैसीनो गेम्स खेले जाते हैं। इसके अलावा क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और हॉर्स रेसिंग पर सट्टा लगाया जाता है। ईडी के मुताबिक, कई सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने इस ऐप का प्रचार किया था। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।

