Uttar Pradesh News: प्रयागराज में माघ मेले की धूम शुरू हो गई है। यह मेला 3 जनवरी से शुरू हुआ और 15 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान संगम नगरी श्रृंगवेरपुर धाम के ‘बाल राम’ श्रीश बाहुबली महाराज मेले में पहुंचे। छह वर्षीय इस बालक ने एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि साल 2031 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।
श्रीश बाहुबली महाराज ने योगी सरकार की मेले की व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने महाकुंभ की तरह ही शानदार इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने अपनी भविष्यवाणी एक गीत के रूप में प्रस्तुत की।
बालक ने दोहराए कई संस्कृत श्लोक
बाल राम श्रीश बाहुबलीमहाराज ने मंच से कई संस्कृत श्लोक भी सुनाए। उन्होंने शिव तांडव स्तोत्र का पाठ भी किया। उनकी इस विद्वता को देखकर लोग हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने पर भारत विश्व गुरु बनेगा। सनातन धर्म का सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ेगा।
पिछले साल भी श्रीश बाहुबली महाराज की चर्चा हुई थी। तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रृंगवेरपुर धाम आए थे। उस समय इस बालक ने मंच पर जाकर योगी से मुलाकात की थी। उन्होंने कुछ श्लोक सुनाए थे जिन्हें सुनकर मुख्यमंत्री खिलखिलाकर हंस पड़े थे।
माघ मेले की प्रमुख स्नान तिथियां
माघ मेला2026 में कई प्रमुख स्नान पर्व हैं। तीन जनवरी को पौष पूर्णिमा का स्नान हुआ। 15 जनवरी को मकर संक्रांति का महास्नान होगा। 18 जनवरी को मौनी अमावस्या और 23 जनवरी को बसंत पंचमी का स्नान है। एक फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान होगा।
हर स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाते हैं। प्रयागराज प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बार मेले का क्षेत्र भी विस्तारित किया गया है। आवागमन और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
योगी सरकार ने की हैं विशेष तैयारियां
उत्तर प्रदेश सरकार नेमाघ मेले को लेकर विस्तृत योजना बनाई है। कल्पवासियों के लिए विशेष कैंप लगाए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं और अग्नि सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा कैमरों और ड्रोन से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
मेले में आने वाले साधु-संतों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। अखाड़ों के लिए विशेष शिविर स्थल निर्धारित किए गए हैं। जलापूर्ति और बिजली की व्यवस्था भी दुरुस्त की गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी तरह की असुविधा न हो।
माघ मेले का धार्मिक महत्व
हिंदूशास्त्रों के अनुसार माघ माह विशेष पुण्यफलदायी है। इस महीने में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान करना मोक्षदायी माना जाता है। कल्पवासियों के लिए यह परंपरा विशेष महत्व रखती है। वे पूरे माह संगम तट पर तपस्या और साधना करते हैं।
माघ मेला हर साल लगता है लेकिन हर छठे साल यह अर्धकुंभ और हर बारहवें साल कुंभ मेले का रूप ले लेता है। इस बार का मेला सामान्य माघ मेला है। फिर भी इसकी भव्यता और आयोजन में कोई कमी नहीं है। देश भर से श्रद्धालु यहां आ रहे हैं।
