मध्य प्रदेश के रतलाम में हुए तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मार गिराया है। पिछले दिनों रतलाम में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने बताया कि तिहरे हत्याकांड के मामले में चार आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि घटना में मास्टरमाइंड आरोपी दिलीप देवल फरार था। आज पुलिस मुठभेड़ में इस मुख्य आरोपी का एनकाउंटर हो गया। एनकाउंटर खाचरोद रोड पर, मदरसे के पीछे हुआ। पुलिस कप्तान गौरव तिवारी ने इसकी अधिकारिक पुष्टि कर दी है। दिलीप शातिर अपराधी था उस पर कई केस दर्ज थे। इस मुठभेड़ में पुलिस के 2 आला अधिकारियों सहित 5 घायल हुए हैं।

क्या था तिहरा हत्याकांड?

दरअसल, रतलाम शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना के अंतर्गत आने वाले राजीव नगर (जवाहर नगर मुक्तिधाम के पास) स्थित 4 मंजिला मकान में रहने वाले 50 वर्षीय गोविंदराम सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा तथा 20 वर्षीय बेटी दिव्या की कार्तिक शुक्ल एकादशी 25 नवंबर की रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छोटी दीपावली होने की वजह से गोलियों की आवाज़ ना सुनाई देने की बात कही गई। परिवार मकान की दूसरी मंजिल पर रहता था और अगले दिन सुबह जब तीसरी मंजिल पर रहने वाली किराएदार नर्स अपने स्कूटर की चाभी लेने परिवार के घर आई तब तीनों की लाश मिलने से घटनाक्रम उजागर हुआ। लाशें दो अलग अलग कमरों में थी और घर का दरवाजा खुला हुआ था। नर्स का स्कूटर जो घर के नीचे खड़ा था, वो भी मौके से गायब मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची जिनमें आला अधिकारी एवं एफएसएल और डॉग स्क्वाड शामिल थे।

26 नवंबर को ही पुलिस ने देवरा देवनारायण नगर से नर्स का स्कूटर खोज निकाला। पुलिस की पूछताछ में जो जानकारी सामने आई उसके अनुसार मृतक गोविंदराम स्टेशन रोड स्थित एक हेयर सैलून पर काम करता था, जबकि उसकी पत्नी शारदा के बारे में चोंकाने वाली बात पता चली कि वो अवैध शराब बिक्री कारोबार में संदिग्ध थी। बेटी दिव्या नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी तथा लॉकडाउन के कारण कॉलेज की क्लास नहीं लगने के कारण अपनी बड़ी बहन मोना के साथ बिजली कंपनी से जुड़े किसी काम मे संलग्न थी। घटनाक्रम सनसनीखेज एवं पेचीदा होने से पुलिस तुरंत सक्रिय हुई तथा खोजबीन में मुस्तैदी के साथ जुट गई थी। पुलिस को 2 संदिग्ध युवकों के स्कूटर पर देवरा देवनारायण नगर की तरफ जाने की सूचना तथा वीडियो फुटेज हाथ लगे थे। गहराई से पड़ताल करने पर पुलिस को आरोपियों के पैदल घूमते हुए वीडियो फुटेज मिल गए थे।

मामला सुर्खियों में आने लगा था और गंभीर प्रकृति का होने की वजह से DIG पुलिस सुशांत सक्सेना एवं IG राकेश गुप्ता ने मौके का व्यक्तिगत रूप से मुआयना किया। IG ने आरोपियों पर 30 हजार का ईनाम घोषित कर यह बात कही थी कि हम आरोपियों के बहुत करीब है। जल्द ही घटनाक्रम का खुलासा करेंगे। अंततः मुख्य आरोपी दिलीप देवल पुलिस से मुठभेड़ में मारा गया।

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