Madhya Pradesh News: सागर जिले की बंडा तहसील में पटवारी स्वाति जैन को निलंबित कर दिया गया है। उन पर शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही के आरोप सही पाए गए हैं। तहसीलदार के प्रस्ताव पर हुई इस कार्रवाई में कई गंभीर आरोप शामिल हैं। इनमें किसान फॉर्मर आईडी बनाने में सुस्ती और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण न करना शामिल है।
पटवारी को बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने का भी आरोप है। निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय बंडा तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है। आगामी आदेश तक उनके हल्के का अतिरिक्त प्रभार खुमान अहिरवार को सौंपा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
औचक निरीक्षण में सामने आईं भारी अनियमितताएं
दोजनवरी को ग्राम हिंडोरिया में हुए औचक निरीक्षण में पटवारी के कार्य में बड़ी खामियां मिलीं। स्वाति जैन को 1309 किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन निरीक्षण के समय तक उन्होंने केवल 262 आईडी ही बनाई थीं। यह लक्ष्य का सिर्फ बीस प्रतिशत था। निरीक्षण में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि किन किसानों का कार्य शेष है।
हिंडोरिया, हीरापुर, भरतिया, सिंगदौनी और पिपरियाघाट गांवों में बड़ी संख्या में आईडी लंबित पाई गईं। ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई कि पटवारी मैडम सप्ताह या पंद्रह दिन में केवल एक बार ही गांव आती हैं। स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो निरीक्षण किया गया। द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में ऐसी कार्रवाई लगातार बढ़ रही है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें भी रहीं लंबित
पटवारीपर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर निराकरण न करने का भी आरोप है। कई ग्रामीणों ने हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी समस्याएं दर्ज कराई थीं। लेकिन उन शिकायतों का निवारण नहीं किया गया। यह प्रशासनिक लापरवाही मानी गई। हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है।
तीन जनवरी को नायब तहसीलदार ज्योति वर्मा ने भी निरीक्षण किया। इस दौरान पटवारी बिना किसी पूर्व सूचना के अपने हल्का क्षेत्र से अनुपस्थित पाई गईं। तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में इसे घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता बताया। इस रिपोर्ट के आधार पर आईएएस कलेक्टर संदीप जीआर ने तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश दिया।
कलेक्टर के आदेश पर हुई सख्त कार्रवाई
जिलाकलेक्टर संदीप जीआर ने तहसीलदार की रिपोर्ट पर त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने पटवारी स्वाति जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद हल्के का कार्यभार दूसरे पटवारी को सौंपा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एक संदेश के रूप में देखी जानी चाहिए। शासन द्वारा दिए गए लक्ष्यों को पूरा करना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है।
जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसी कार्रवाई से अन्य अधिकारियों में भी अनुशासन आएगा। किसान फॉर्मर आईडी एक महत्वपूर्ण योजना है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिलता है। लक्ष्य पूरा न होने से किसानों को नुकसान हो रहा था। इसलिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
निलंबन के बाद बदला गया प्रभार
पटवारीस्वाति जैन के निलंबन के बाद हल्के का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हल्का नंबर 24 (हिंडोरिया) का प्रभार गनयारी में पदस्थ पटवारी खुमान अहिरवार को मिला है। अब वह इस हल्के के सभी कार्यों को देखेंगे। प्रशासन ने आदेश दिया है कि लंबित किसान आईडी का कार्य तेजी से पूरा किया जाए।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याएं अनसुनी रह गई थीं। नई पटवारी से उन्हें बेहतर सेवा की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि ऐसी कोई शिकायत नहीं आने दी जाएगी। सभी लंबित कार्य शीघ्र पूरे कराए जाएंगे।
