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Lucknow: ‘देवभूमि में अब नहीं चलेंगे अवैध मदरसे…’ सीएम धामी ने लखनऊ में भरी हुंकार, 10 हजार एकड़ जमीन कराई मुक्त

Lucknow News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को लखनऊ की धरती से कड़ा संदेश दिया है। वे यहां पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित ‘उत्तरायणी कौथिग’ के उद्घाटन में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने देवभूमि की संस्कृति के साथ-साथ राज्य की सुरक्षा पर बड़ी बात कही। सीएम धामी ने साफ किया कि उत्तराखंड में अब केवल सरकारी सिलेबस वाले मदरसे ही चलेंगे। साथ ही, उन्होंने अवैध कब्जों पर हुई कार्रवाई का भी ब्योरा दिया।

अवैध मदरसों और कब्जों पर सख्त एक्शन

मुख्यमंत्री ने मंच से अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि हम देवभूमि के मूल स्वरूप को बिगड़ने नहीं देंगे। सरकार ने अब तक 10 हजार एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। ‘ऑपरेशन कालनेमी’ चलाकर सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर नकेल कसी गई है। राज्य में 250 से ज्यादा अवैध मदरसे सील किए जा चुके हैं। वहीं, 500 से अधिक अवैध ढांचे गिराए गए हैं। उन्होंने ऐलान किया कि 1 जुलाई 2026 के बाद राज्य में केवल वही मदरसे चलेंगे, जो सरकारी सिलेबस पढ़ाएंगे।

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26 गुना बढ़ी प्रदेश की अर्थव्यवस्था

सीएम धामी ने उत्तराखंड की बदलती तस्वीर भी पेश की। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के बाद से अब तक उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था 26 गुना बढ़ चुकी है। लोगों की प्रति व्यक्ति आय में भी 17 गुना का इजाफा हुआ है। यह अब बढ़कर 2 लाख 74 हजार रुपये हो गई है। राज्य का बजट 4 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। बिजली उत्पादन और सड़कों के निर्माण में भी रिकॉर्ड काम हुआ है।

पहाड़ लौट रहे लोग, रुका पलायन

रोजगार और स्वरोजगार के मोर्चे पर सरकार ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीएम ने बताया कि ‘लखपति दीदी’ योजना से 1 लाख 68 हजार महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। इसका असर पलायन पर भी पड़ा है। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में 44% रिवर्स पलायन हुआ है। यानी लोग अब वापस अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान पाया है।

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लखनऊ मेरी कर्मभूमि: धामी

मुख्यमंत्री ने लखनऊ से अपने गहरे रिश्ते को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह शहर उनकी कर्मभूमि रहा है। यहीं से उन्होंने जनसेवा का संकल्प लिया था। उत्तरायणी जैसे आयोजन में यहां आना कर्मभूमि को नमन करने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह कौथिग यूपी और उत्तराखंड की साझा विरासत को सहेजने का काम कर रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र का जीता-जागता उदाहरण है।

पर्यटन का नया हब बना उत्तराखंड

धामी ने कहा कि अब उत्तराखंड केवल तीर्थयात्रा तक सीमित नहीं है। राज्य अब ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ और फिल्मों की शूटिंग का हब बन रहा है। ‘वेड इन उत्तराखंड’ अभियान से पर्यटन को नई रफ्तार मिली है। सरकार ने सख्त धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानून लागू करके राज्य में सुरक्षा का माहौल बनाया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी मौजूद रहे।

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