Uttar Pradesh News: लखनऊ में ऑनलाइन दोस्ती का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शख्स व्हाट्सएप पर मिली ‘महिला’ के प्यार में पड़कर कंगाल हो गया। पीड़ित ने उस पर भरोसा करके करीब 1.92 करोड़ रुपये गंवा दिए। पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब वह ‘महिला’ असल में एक पुरुष निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
‘भाविका’ बनकर जाल में फंसाया
पुलिस ने आरोपी इमरान गाजी (34) को गिरफ्तार किया है। वह गुडंबा क्षेत्र के मिश्रीपुर डिपो का रहने वाला है। पीड़ित शलभ पांडे ने 2 जून 2025 को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने व्हाट्सएप पर खुद को ‘भाविका शेट्टी’ बताया था। आरोपी ने शलभ से रोज बातें करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसने शलभ का भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने अच्छे मुनाफे का लालच देकर एक स्कीम में निवेश करने के लिए मना लिया।
भरोसे में आकर लुटा दिए 1.92 करोड़
शलभ उसकी बातों में पूरी तरह आ गए। उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया। यह धारा कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके धोखाधड़ी करने से जुड़ी है।
फर्जी आईडी से खोले थे बैंक खाते
पूछताछ में इमरान गाजी ने कई राज खोले। उसने बताया कि एक्सिस बैंक में उसका एक खाता फ्रीज हो गया था। इसके बाद उसने शहजाद नाम के साथी की मदद ली। उन्होंने जाली आधार और पैन कार्ड बनवाकर कई नए बैंक खाते खोले। इन्हीं खातों में ठगी की रकम मंगवाई जाती थी। जांच में पता चला कि एक महीने के भीतर उसके खातों में लगभग 1.52 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।
