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भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए खुली लॉटरी! यह देश 500 लोगों को बुला रहा अपने पास, तुरंत जानें डिटेल

New Delhi News: भारतीय टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जापान ने भारत के 500 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्सपर्ट्स को अपने देश आमंत्रित करने का फैसला किया है। जापान के विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक के बाद यह बड़ा ऐलान किया। दोनों देशों ने मिलकर तकनीकी और एआई के क्षेत्र में साथ काम करने की योजना बनाई है।

2030 तक जापान जाएंगे भारतीय एक्सपर्ट्स

जापान के विदेश मंत्री मोटेगी ने बताया कि उनका देश संयुक्त रिसर्च को बढ़ावा देना चाहता है। इसके लिए जापान साल 2030 तक भारत से 500 हाई-स्किल्ड एआई प्रोफेशनल्स को बुलाएगा। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है। इसके अलावा, दोनों देशों ने एआई क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए ‘जापान-भारत एआई रणनीतिक संवाद’ स्थापित करने पर भी अपनी सहमति दी है। जापान इस साल फरवरी में भारत में होने वाले “एआई इम्पैक्ट समिट” की सफलता में भी पूरा योगदान देगा।

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इन 5 सेक्टरों पर रहेगा विशेष फोकस

आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों ने पांच प्रमुख क्षेत्रों में काम तेज करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान इनकी पहचान की गई थी:

  • सेमीकंडक्टर (Semiconductor)
  • महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
  • सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT)
  • स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy)
  • फार्मास्यूटिकल्स (Pharmaceuticals)

प्राइवेट सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग

इन पांच क्षेत्रों में ठोस कार्रवाई के लिए इसी साल की पहली तिमाही के भीतर एक नई शुरुआत होगी। दोनों देश “जापान-भारत प्राइवेट सेक्टर इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग” (B2B) शुरू करेंगे। इसके बाद जल्द ही उप-मंत्रिस्तरीय स्तर पर सरकारी बातचीत (G2G) का आयोजन भी किया जाएगा।

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75 साल पुरानी दोस्ती का जश्न

भारत और जापान साल 2027 में अपने राजनयिक रिश्तों की 75वीं सालगिरह मनाएंगे। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों पर जा रही है। बैठक में दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के हालातों पर भी चर्चा हुई। साथ ही, भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में कनेक्टिविटी सुधारने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जैसे गंभीर मुद्दों पर भी दोनों नेताओं ने विचार साझा किए।

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