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नगर पंचायत चुवाड़ी सहित इलाके की 14 पंचायतों में 31 मई तक सम्पूर्ण लॉकडाउन


नगर पंचायत चुवाड़ी सहित 14 पंचायतों में 31 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। दवाई की दुकानों को छोड़कर क्षेत्र में सभी दुकानें बंद रहेंगी। क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की मौतों का आंकड़ा बढ़ने और कोरोना संक्रमण की जद में अधिक लोगों के आने पर ही भटियात प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। ऐसे में अब ग्रामीणों को खाद्य सामग्री सहित अन्य सामान पहुंचाने का जिम्मा पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों को सौंपा गया है। गौरतलब है कि भटियात सब डिविजन में अब तक बीते 12 दिनों में 16 लोग कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जाना गंवा चुके हैं। इसके अलावा क्षेत्र में अब तक 400 के करीब लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

इनमें से अधिकांश संक्रमितों का होमआइसोलेशन में उपचार चला हुआ है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देख भटियात प्रशासन ने क्षेत्र में कोरोना कर्फ्यू लगाया लेकिन, नियमों की अनुपालना न करने पर अब आखिरकार नपं सहित 14 पंचायतों में संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया है।

संपूर्ण लॉकडाउन के तहत लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबंधन के तहत कार्रवाई के अलावा एफआईआर तक दर्ज होगी। भटियात प्रशासन ने लोगों को राशन और दैनिक उपयोग की कमी न रहे, इसकी भी पूरी व्यवस्था की है।

हटली में आठ से ग्यारह बजे तक खुलेंगी दुकानें
विधानसभा क्षेत्र भटियात के तहत हटली क्षेत्र की दूसरी तरफ कांगड़ा जिला का परिक्षेत्र आता है। ऐसे में दोनों तरफ दुकानें खोलने का समय अलग-अलग होने की सूरत में अक्सर लोग वहां पर घूमते दिख जाते हैं। नतीजतन, भटियात प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के खतरे को भांपते हुए अब हटली में दुकानें खुलने का समय आठ बजे से ग्यारह बजे तक निर्धारित किया है। भटियात प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो 31 मई के बाद लॉकडाउन बढ़ता है, तब भी हटली में दुकानें खुलने का यही समय निर्धारित रहेगा।

राशन के लिए पंचायत प्रतिनिधि से करें संपर्क
कार्यकारी एसडीएम भटियात जगन ठाकुर ने बताया कि कोरोना से बढ़ी मृत्यु दर और कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने की सूरत में नगर पंचायत चुवाड़ी सहित 14 पंचायतों में 31 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। कहा कि लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी रहेगी। घरद्वार ही राशन और जरूरी सामान पहुंचाने की जिम्मेदारी पंचायत प्रतिनिधि और सचिवों को सौंपी गई है।

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