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सोशल मीडिया में फूटा पत्र बम, हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री और एक महिला अध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोप

पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही थी कि हिमाचल प्रदेश सरकार के एक मंत्री के खिलाफ भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को एक शिकायत पत्र भेजा गया है और उस शिकायत पत्र में हिमाचल भाजपा के एक मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं तथा उसके एक महिला अध्यक्ष के साथ अंतरंग संबंधों की बात भी की गई। पिछले कल ओर उत्सुकता का माहौल बन गया था और हर कोई जानने को बेताब था कि आखिर उस पत्र में ऐसा क्या है।

पिछले कल से वह पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। अभी तक यह पता नही चल पाया है कि इस पत्र की सत्यता क्या है। क्योंकि ना तो अभी तक पत्र को वायरल करने वाले का चेहरा सामने आया है और ना ही दूसरे पक्ष ने इस पत्र के संबंध में कोई टिप्पणी की है।

जानकारी के मुताबिक मामला यह है कि पत्र के अंत में लिखे नाम के मुताबिक यह पत्र किसी पवन नाम के व्यक्ति में लिखा है। जबकि हस्ताक्षरों की जगह केवल एक गोल लाइन खींची गई है। जोकि पत्र की सत्यता पर सवाल उत्पन करती है। पत्र में हिमाचल प्रदेश सरकार के एक मंत्री पर बेहद संगीन आरोप लगाए गए है और साथ में महिला अध्यक्ष पर भी गंभीर आरोप लगाए गए है।

जानकारी के मुताबिक पवन नाम के अज्ञात व्यक्ति ने पत्र में बताया है कि वह 24 साल से आरएसएस के लिए काम कर रहा है और एक समर्पित कार्यकर्ता है। उसने यह पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा है। पत्र के मुताबिक हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री के एक महिला अध्यक्ष के साथ अंतरंग संबंध है और वह कई बार होटलों में देखे गए है। अज्ञात व्यक्ति पवन ने यह भी लिखा है कि आयोग की महिला अध्यक्ष और मंत्री प्रदेश में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रहे है, जिसके बारे मुख्यमंत्री तक को पता है। लेकिन कोई इस मामले में कानूनी कार्यवाही करने को तैयार नही है। पत्र में यह भी लिखा है कि अगर यह खबर आम जनता को पता चल गई तो भाजपा का आगामी चुनावों में हारना तय है।

पत्र में भ्रष्टाचार के तरीकों को भी उजागर किया गया है। पत्र लिखने वाले का कहना है कि मंत्री और महिला अध्यक्ष ने दबाब डाल कर मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य विभाग लिया है। मंत्री को कामकाज के बारे कुछ पता नही होता और महिला अध्यक्ष अपनी मनमर्जी से अफसरों को धमका रही होती है। आगे पत्र में लिखा गया है प्रदेश में नकली दवाइयों के लाइसेंस बांटे जा रहे है ताकि भ्रष्टाचार से हो रही कमाई ना रुके। पत्र में साफ साफ लिखा है कि प्रदेश में नकली दवाइयों की कंपनियों से हर हफ्ते करोड़ों रुपये का लेन देन हो रहा है।

पत्र ने पूरे हिमाचल में हलचल पैदा कर दी है। यह पत्र भले झूठा हो सकता है लेकिन पूरे हिमाचल में सरकार, मंत्री और महिला अध्यक्ष की बेइज्जती कर रहा है। सोचने की बात है कि अगर पत्र झूठा है तो अभी तक मंत्री और महिला अध्यक्ष चुप क्यों है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि महिला अध्यक्ष या मंत्री पत्र लिखने वाले अज्ञात व्यक्ति पवन के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नही कर रहे। मामला मीडिया में उठ चुका है तथा पत्र बम की माफिक जनता के बीच फुट चुका है। अब देखना यह होगा कि आखिर यह पत्र क्या रंग लाता है। क्या मंत्री और महिला अध्यक्ष कानूनी कार्यवाही करेंगे या पवन नाम का अज्ञात व्यक्ति सच्चा है। वैसे पत्र में मंत्री और महिला अध्यक्ष के नामों के साथ साथ होटलों के साथ कई जगहों के नाम साफ साफ लिखे है तो रिकॉर्ड खंगालने पर सचाई आसानी से सामने आ सकती है।

मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश ने प्रेस वार्ता में इस मामले पर कहा कि हिम्मत है तो सामने आओ,पता चला तो उठा कर लाएंगे। उन्होंने कहा कि उसका लाएंगे और कानूनी कार्यवाही करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब ऐसी स्थिति हुई थी तो हम पंचकूला से अपराधी को उठा कर लाए थे और इस मामले में सख्त कार्यवाही होगी।


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