जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक पाकिस्तानी समेत दो आतंकवादी मार गिराए थे। मारे गए आतंकियों में एक सोपोर निवासी आमिर सिराज भी है। आमिर सिराज एक होनहार फटबॉलर था लेकिन उसे बंदूक उठाने के लिए मजबूर किया गया, यह बातें सिराज (22) के एक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद सामने आई हैं। हालांकि सिराज के परिजनों ने इस ऑडियो क्लिप को खारिज करते हुए इसे  ‘सरकार के प्रोपैगेंडा’ का एक हिस्सा बताया। ऑडियो क्लिप में आमिर सिराज बोल रहा कि ‘उसे छलकपट से आतंकवादी बनाया गया। सिराज ने बताया कि उसे सरेंडर करने से भी रोका गया। उसे चेतावनी दी गई कि अगर वह ऐसा करेगा तो उसके परिवार की जान खतरे में आ जाएगी। बताया जा रहा है कि यह बातचीत बारामुला में हुए एनकाउंटर से पहले की है जो अब वायरल हो रही है। 

ऑडियो में यह बोला सिराज
यह बातचीत सिराज और उसके पिता के बीच हुई थी। हालांकि सिराज के पिता का कहना है कि यह फर्जी ऑडियो है और उसकी कभी भी बेटे से बात नहीं हुई। सिराज के पिता ने कहा कि वह इस बात से अनजान थे कि उनका बेटा किस राह पर है। सिराज 6 महीने पहले आतंकवादियों के समूह में शामिल हुआ था। सिराज के पिता ने कहा कि पिछले हफ्ते जब मुठभेड़ हुई थी उस समय उनका परिवार बहन के घर पर एक कार्यक्रम में मौजूद था। वहीं जो ऑडियो सामने आई है उसमें पता चला कि वह आत्मसमर्पण करना चाहता था। सेना और पुलिस उसे सरेंडर का मौका दे रही थी लेकिन आतंकी समूह ने उसे ऐसा नहीं करने दिया। ऑडियो में सिराज कह रहा है कि मैं आत्मसमर्पण करने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन (आतंकवादी) मुझ पर दबाव  बना रहे हैं। उन्होंने मेरे परिवार को मारने की धमकी दी है… अब मुझे जो भी होगा, लेकिन मैं आपको सभी सुरक्षित चाहता हूं। सिराज ने फोन पर मौजूद शख्स (कथित तौर पर अपने पिता) से कहा कि किसी को भी गलत रास्ता न अपनाने दें। वहीं ऑडियो में यह भी सुना जा रहा है कि आतंकवादियों ने उस पर बंदूक तानकर उसकी तस्वीर क्लिक की और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया ताकि सरेंडर करने का उसे कोई मौका न मिले। सिराज बता रहा है कि उसे बरगला कर आतंकी समूह में शामिल किया गया था। वहीं इस ऑडियो पर  राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि अफसोस है कि सिराज को ऐसी मौत मरना पड़ा, वह एक होनहार फुटबॉलर था लेकिन उसने यह राह चुन ली।

आमिर सिराज के पिता दावा
सिराज के पिता का रहना कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज न तो उनकी है और न ही उनके बेटे की। सिराज के पिता ने कहा कि ऑडियो जो आदमी बोल रहा है वो मुझे ‘अब्बा’ बुला रहा है जबकि मेरा बेटा मुझे ‘अब्बूजी’ कह कर बुलाता था। सिराज ने कहा कि ऑडियो में बोलने वाले दक्षिण कश्मीर की भाषा में बोल रहे हैं जबकि हम लोग उत्तर कश्मीरी बोलते हैं। उन्होंने कहा कि हमें मालूम भी नहीं था कि सिराज मुठभेड़ में शामिल है। सिराज के पिता ने कहा कि हमें तो शाम को एसएचओ का फोन आया कि आकर डेड बॉडी की शिनाख्त कर लो।  सिराज के पिता ने कहा कि शिनाख्त के बाद शव को दफनाने के लिए  बारामूला के शीरी गांव ले जाया गया, वहां परिवार के कुछ लोग ही मौजूद थे।

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