Himachal News: हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के एक होनहार बेटे ने सात समंदर पार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। गेमूर गांव के तांजिन मुटुब (Tanzin Mutub) ने प्रतिष्ठित ‘तेनज़िन ग्यात्सो साइंस स्कॉलर’ (Tenzin Gyatso Science Scholar) बनकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वर्ष 2023 में चयनित होने के बाद, उन्होंने अमेरिका में आधुनिक विज्ञान की बारीकियां सीखीं। तांजिन ने अपने मठ का प्रतिनिधित्व करते हुए यह खास उपलब्धि हासिल की है।
अमेरिका के एमोरी यूनिवर्सिटी में की पढ़ाई
तांजिन मुटुब को यह मौका ‘एमोरी-तिब्बत साइंस इनिशिएटिव’ (ETSI) के तहत मिला है। इसके लिए वे अमेरिका के जॉर्जिया स्थित अटलांटा शहर गए। वहां उन्होंने एमोरी विश्वविद्यालय (Emory University) में पूरे दो साल तक रहकर विज्ञान का गहरा अध्ययन किया। तांजिन के पिता राजेंद्र और माता शांति अपने बेटे की इस सफलता पर बेहद खुश हैं। एक छोटे से गांव से निकलकर अमेरिका के बड़े विश्वविद्यालय तक का उनका सफर पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।
धर्म और विज्ञान के बीच बने सेतु
इस स्कॉलरशिप का उद्देश्य केवल पढ़ाई नहीं है। यह तिब्बती बौद्ध दर्शन और आधुनिक विज्ञान के बीच तालमेल बैठाने का एक जरिया है। तांजिन ने वहां रहकर विज्ञान और बौद्ध धर्म के बीच एक सेतु (Bridge) के रूप में काम किया। यह पहल परम पावन 14वें दलाई लामा की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। दलाई लामा चाहते हैं कि मानव कल्याण के लिए विज्ञान और आध्यात्म साथ मिलकर चलें। तांजिन मुटुब का यह प्रयास इसी दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।
Reported By: Vijay Thakur
