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आईजीएमसी में समय पर ऑक्सीजन ना मिलने पर मरीज की मौत, महिलाओं ने जड़े लापरवाही के आरोप

आईजीएमसी शिमला में डॉक्टरों पर एक बाद एक आरोप लगाए जा रहे हैं। अब कंडाघाट की रहने वाली एक महिला ने एक डॉक्टर पर आरोप लगाए हैं कि उसके पति कोरोना पॉजिटिव आने के बाद आईजीएमसी में भर्ती थे लेकिन उन्हें ऑक्सीजन सिलैंडर देरी से दिया गया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। महिला का कहना है कि जब उसके पति को सिलैंडर नहीं मिला था तो डॉक्टर से सिलैंडर की मांग की गई। डॉक्टर ने ये फरमान जारी किए कि तुम्हें पता नहीं है कि मरीज को ऑक्सीजन चाहिए या नहीं। करीब आधे घंटे बाद ऑक्सीजन सिलैंडर दिया गया, वहीं डॉक्टर ने ठीक से व्यवहार भी नहीं किया।

कोविड वार्ड में ठीक से नहीं दी जा रहीं दवाइयां 

महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने उसके 50 साल के पति के साथ लापरवाही बरती, वहीं महिला ने कहा कि कोविड वार्ड में ठीक से दवाइयां भी नहीं दी जा रहीं। महिला का कहना है कि वह खुद वार्ड में अंदर थी और सारी चीजों का पता है। वार्ड के अंदर जूनियर डॉक्टर व नर्स की ड्यूटी होती है। वार्ड में मरीजों को ठीक से दवाइयां भी नहीं देते हैं। आईजीएमसी में ऑक्सीजन सिलैंडर न मिलने को लेकर पहले भी तीमारदार आरोप लगा चुके हैं लेकिन अभी भी प्रशासन जागता हुआ नजर नहीं आ रहा है।

महिला के आरोप निराधार : राहुल गुप्ता

आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपी तथ्य पर आधारित नहीं हैं। मरीज के 90 प्रतिशत फेफड़े खराब हो चुके थे। उसे डॉक्टर ने डबल फोर्स ऑक्सीजन लगाई थी। डॉक्टर ने मरीज को बचाने के लिए पूरी मेहनत की है लेकिन वह बच नहीं पाया। आईजीएमसी में ऑक्सीजन सिलैंडर की कमी नहीं है।

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