हिमाचल में आए दिन छोड़े हुए जानवरों के कारण बहुत सी दुर्घटनाएं होती है। जिसमें कई आदमियों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं का दुखद पहलू यह है कि ऐसी दुर्घटनाओं के बाद आदमी आदमी को बचाने की कोशिश तो करता है लेकिन मासूम जानवरों के बारे कोई नही सोचता। जबकि सभी को पता है कि जानवर इस प्रकृति का अभिन्न अंग है और कई कारणों से बेहद जरूरी भी है।

धीरज महाजन, अध्यक्ष, क्रांति एनजीओ धर्मशाला

आवारा या छोड़े हुए जानवरों के इस मामले में धर्मशाला से क्रांति एनजीओ ने एक नई पहल शुरू की है। जिसके तहत आज शिवरात्रि के उपलक्ष्य पर क्रांति एनजीओ की ओर से 800 आवारा कुत्तों को रेडियम कालर पहनाए गए। ताकि रात को ड्राइव करने वालों को अंधेरे में दूर से कुत्तों के होने का एहसास हो जाए और कोई अनहोनी ना हो। मासूम कुत्तों की जिंदगी भी बचे और इंसान भी सुरक्षित रहे। इस मुहिम के अंतर्गत कचहरी बाजार, कोतवाली बाजार, मैक्लोडगंज, खनियारा, शिला चौक आदि जगहों पर कालर पहनाए गए। आपको बता दें कि क्रांति एनजीओ के अध्यक्ष धीरज महाजन एक पशु प्रेमी है और आपको धर्मशाला की सड़कों पर पशुओं की सेवा करते दिख जाएंगें। पशुओं को प्यार करना, उनको खाना खिलाना और उनकी देखभाल करना क्रांति एनजीओ के अध्यक्ष का हर रोज का काम है। जिसके लिए उनको हिमाचल प्रदेश सरकार तक सम्मानित कर चुकी है।

इस मामले में जब हमारी क्रांति एनजीओ के संस्थापक धीरज महाजन से बात हुई तो उनका कहना है कि इस मुहीम से जहाँ कुत्ते गाड़ियों से टकराने से बचेंगे, वहीं इंसान भी इन कुत्तों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचेंगे। उन्होंने हमारी टीम की बताया कि आज शिवरात्रि है और कुत्ता भैरव का प्रतीक होता है। जिसको भगवान शिव सबसे ज्यादा प्यार करते है, इसलिए हमने शिवरात्रि का दिन कुत्तों की रक्षा के लिए यह रेडियम के कालर पहनाने के लिए चुना है। उन्होंने हिमाचल की समस्त जनता से भी अपील की है कि अपने आस पास के पशुओं को मारे नही, वह भी प्यार के भूखे होते है और इसीलिए इंसानों के पास आते हैं। इसलिए सभी को चाहिए कि पशुओं से प्यार करें और उनका ख्याल रखे।

इस मुहिम में क्रांति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। संस्थापक धीरज महाजन के साथ गौरव राय, राकेश कुमार, कुणाल किशोर, कौशल जम्वाल, विदुषी महता ने अपना पूरा सहयोग दिया।

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