Himachal News: आज के समय में घुटनों के दर्द की समस्या ने हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। खराब खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण अब सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि युवा भी जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। अगर आप भी महंगी दवाइयां खाकर थक चुके हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी हो सकती है। मशहूर आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी ने एक बेहद सस्ता और असरदार नुस्खा बताया है, जो आपको इस दर्द से हमेशा के लिए निजात दिला सकता है।
दर्द की असली वजह और उसका इलाज
डॉक्टर जैदी के अनुसार, जोड़ों में दर्द के मुख्य रूप से दो कारण होते हैं। पहला जोड़ों में सूजन आना और दूसरा कार्टिलेज यानी ग्रीस का घिस जाना। इन कारणों से मरीज का चलना-फिरना और सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल हो जाता है। अक्सर लोग दर्द से बचने के लिए पेन किलर का सहारा लेते हैं। यह दवाइयां कुछ पल का आराम तो देती हैं, लेकिन यह स्थाई इलाज नहीं है। घुटनों के दर्द को जड़ से खत्म करने के लिए शरीर को अंदर से मजबूत बनाना जरूरी है। इसके लिए जौ का पानी एक रामबाण इलाज साबित हो सकता है।
हड्डियों में जान फूंक देता है जौ
आयुर्वेद में जौ को हड्डियों के लिए बेहद गुणकारी माना गया है। डॉक्टर जैदी बताते हैं कि जौ में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भरपूर मात्रा में होते हैं। यह गुण जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, जौ में मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। यह तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और कार्टिलेज को रिपेयर करने का काम करते हैं। नियमित रूप से जौ का पानी पीने से घुटनों के दर्द में चमत्कारी बदलाव देखने को मिल सकता है।
नुस्खा तैयार करने का सही तरीका
इस घरेलू उपाय को अपनाना बहुत आसान है। इसके लिए आपको एक मुट्ठी (करीब 50 ग्राम) जौ लेना होगा। इसे रात भर एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। अगली सुबह इसी पानी को जौ के साथ 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह उबालें। उबालने के बाद इसे ढककर लगभग 5-6 घंटे के लिए छोड़ दें। समय पूरा होने पर पानी को छान लें। डॉक्टर जैदी के मुताबिक, दिन में एक बार इस पानी का सेवन करने से जोड़ों को नई ताकत मिलती है।
इन सावधानियों का रखें ध्यान
भले ही जौ का पानी सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन कुछ लोगों को इसे पीने से बचना चाहिए। जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी है, वे इसका सेवन न करें। इसके अलावा, अगर कोई महिला गर्भवती है या कोई व्यक्ति किसी गंभीर पुरानी बीमारी से जूझ रहा है, तो उसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही यह उपाय अपनाना चाहिए। ध्यान रहे कि यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है और इसे डॉक्टरी इलाज का विकल्प न माना जाए।
